रेवाड़ी। शनिवार को रेवाड़ी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड गंतव्य जाने वाले लोगों से भरा रहा। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि ट्रेनों और बसों में पैर रखने तक की भी जगह नहीं थी। किसी तरह से यात्री गंतव्य को रवाना हुए। रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति को टिकट के लिए लाइन में करीब डेढ़ से 2 घंटे खड़े रहना पड़ा।
कमोवेश यही हाल बस अड्डे का भी था। वहां पर भी टिकट के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी। जैसे ही कोई बस आती थी लोग पकड़ने के लिए दौड़ पड़ते थे। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि बसों की छतों पर बैठकर यात्रियों ने सफर करना पड़ा। अतिरिक्त बसें भी नहीं चलाई गई, जबकि होली से पहले अतिरिक्त बसें मांग के हिसाब चलाई जानी चाहिए।
ज्यादा भीड़ होने का एक कारण यह भी रहा कि सेक्टर-18 में शिव महापुराण कथा चल रही थी। शनिवार को समापन हो गया। कथा में करीब 80 हजार लोग पहुंचे थे। दोपहर के समय शिव महापुराण कथा समाप्त हो गई थी। लोग बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन की ओर गंतव्य जाने के लिए पहुंचे। करीब 40 हजार लोग अन्य राज्यों से यहां आए थे। अचानक बढ़ी भीड़ ने प्रशासनिक व्यवस्था को नाकाम साबित कर दिया। पूनम, रजनी, अंजलि ने बताया कि वह राजस्थान के जैसलमेर से यहां पर कथा सुनने के लिए आए थे। भीड़ इतनी ज्यादा है कि अब अगले दिन सुबह ही ट्रेन के माध्यम से जयपुर जाएंगे।शहर के सभी प्रमुख चौक चौराहों पर शाम 5 बजे तक जाम लगा रहा।
इंसेट
60 हजार यात्रियों ने किया सफर
रेलवे स्टेशन पर आम दिनों में टिकट के लिए दो काउंटर काफी होते हैं। शनिवार को टिकट के लिए करीब 6 काउंटर खोले गए थे। टिकट कक्ष में भीड़ इतनी ज्यादा थी कि 6 काउंटर भी कम साबित हुए। ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन से भी टिकट के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा था। रेलवे स्टेशन पर करीब 60 हजार यात्री विभिन्न प्लेटफार्म पर थे। इनमें से 20 हजार यात्री रिजर्वेशन वाले और 40 हजार यात्री जनरल टिकट वाले थे। आम दिनों में करीब 15 हजार जनरल टिकट कटती है। किसी को दिल्ली, राजस्थान तो किसी को उत्तर प्रदेश के लिए जाना था। भीड़ इतनी ज्यादा थी की ट्रेन की एसी बोगी में चढ़कर लोगों ने अतिरिक्त पैसा देकर जाना उचित समझा। जनरल बोगी का तो बुरा हाल था। जो लोग चढ़े वह ठीक, जो नहीं चढ़े उन्होंने अगली ट्रेन का इंतजार किया। इस दौरान यात्री राकेश ने कहा कि रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर ऐसी भीड़ पहले कभी नहीं देखी।
40 हजार यात्रियों ने बस से किया सफर
इसी प्रकार बस अड्डे पर भी लोगों की काफी ज्यादा भीड़ थी। बस पकड़ने के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी। लोग दिनभर परेशान रहे। घंटों बैठकर बस का इंतजार करते रहे। जो लोग बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन पर भी गए, उनके लिए भी समस्या ही रही। बसों से करीब 40 हजार यात्रियों ने सफर किया है। रोडवेज को 30 से 32 लाख रुपये का राजस्व भी हुआ है। आम दिनों में 18 से 20 हजार यात्री रोजाना सफर करते हैं और राजस्व 20 लाख रुपये का होता है।
वर्जन
रोडवेज ने लोगों की समस्या को देखते हुए अतिरिक्त बसों का संचालन किया। लोगों किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी गई है।- देवदत्त, जीएम, रोडवेज रेवाड़ी