रेवाड़ी। पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव सरकार के लिए फायदेमंद साबित हो रहे हैं। इस दौरान उम्मीदवारों ने नो ड्यूज के लिए 36.52 लाख रुपये की राशि जमा कराई है। इससे सरकार को राजस्व में बड़ा लाभ प्राप्त हुआ है।
जिले में जिला परिषद के 18 व पंचायत समितियों के 7 वार्डों व 365 ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव होने हैं। जिला परिषद व पंचायती चुनावों में नो ड्यूज से विद्युत वितरण निगम व बैंकों को लाखों की राशि प्राप्त हुई है। जिले के सैकड़ों उम्मीदवार पिछले कई वर्षों से बकाया राशि को जमा नहीं कर रहे थे। उन्हें नो ड्यूज (अदेय प्रमाणपत्र) के चलते राशि संबंधित विभागों को जमा करानी पड़ी है।
विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों ने बताया कि रेवाड़ी में कुल 1684 नो ड्यूज दिए गए हैं, जिनमें से 274 डिफाल्टर हैं। जिनकी ओर से निगम को लगभग 23 लाख की राशि प्राप्त हुई है। वहीं ग्रामीण विकास बैंक महाप्रबंधक नरेश यादव ने बताया कि कुल नो ड्यूज 10 हजार 500 गए हैं, जिनमें से 10 डिफाल्टर हैं। जिनकी तरफ से लगभग 13 लाख 52 हजार की राशि प्राप्त हुई है। यह राशि राज्य सरकार द्वारा पंचायती चुनावों में नो ड्यूज जारी कर देने की वजह से प्राप्त हुई है। विद्युत वितरण निगम बिल जमा न कराने वाले लोगों के घर लगातार नोटिस भेज रहा था, लेकिन उपभोक्ता नोटिस को लगातार दरकिनार कर बिजली का बिल नहीं दे रहे थे। वहीं बैंक अधिकारी भी लोन की राशि के लिए लोगों के घर-घर चक्कर लगा रहे थे। नो ड्यूज विद्युत वितरण निगम व बैंकों के लिए वरदान साबित हुआ है।
सरकार को नो ड्यूज (अदेय प्रमाणपत्र) की वजह से लगभग 38 लाख की राशि प्राप्त हुई है। इसमें बिजली विभाग को तकरीबन 23 लाख व बैंकों को 13 लाख 52 हजार की राशि प्राप्त हुई है। उपभोक्ता लंबे वक्त से इस राशि को जमा थे, लेकिन पंचायती चुनावों के चलते नो ड्यूज की वजह से लगभग उम्मीदवारों ने यह बकाया राशि जमा करा दी है जिसकी वजह से सरकार को काफी फायदा हुआ है।