रेवाड़ी। हरियाणा सरकार में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री ओम प्रकाश यादव शनिवार को एक निजी विद्यालय में आयोजित वार्षिकोत्सव का बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य नए-नए प्रयोग कर शिक्षा को रुचिकर और आकर्षक बनाकर बच्चों को शिक्षा का बेहतर माहौल देना है, जिससे बच्चे आसानी से खेल-खेल में शिक्षा ग्रहण कर सकें। कहा कि वर्षों में एक ही तरीके से पढ़ाई होती रही है। सरकार की ओर से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाई गई।
सरकार की यह कोशिश है कि बच्चे छोटी उम्र में खेलते-खेलते सीखें। कहा कि शिक्षा में बदलाव करना जरूरी है। यादव ने कहा कि विद्यालय सर्वांगीण विकास की भूमि हैं। अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाते हैं जहां शिक्षक अपने ज्ञान और क्षमता के आधार उनमें ज्ञान का संचार कर उन्हें प्रतिभाशाली बनाते हैं। नई शिक्षा नीति में बच्चे के सर्वांगीण विकास पर फोकस किया गया है, जिससे वह भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकें। यादव ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को रुचि के हिसाब से पढ़ाई करते हुए आगे बढ़ाना चाहिए। बच्चों की पढ़ाई के लिए एक अच्छा माहौल प्रदान करना व उनको जीवन में असफलता का मतलब सिखाना, माता-पिता की अहम जिम्मेदारी है। बच्चों को पढ़ाई में ‘बेस्ट’ बनाने में हम इतना खो गए, कि उन्हें शारीरिक और मानसिक स्तर पर कितना आराम चाहिए यह भी भूल गए हैं, जिस बारे माता-पिता सहित गुरु और शिक्षकों को भी गहन चिंतन करना चाहिए।