संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा। खरखड़ा बस स्टैंड के पास माइनर पुल पर जलभराव को संज्ञान में लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (दिल्ली) ने डीसी को 8 सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान कराकर शिकायतकर्ता को सूचित करने का आदेश दिया है।
जलभराव की समस्या को आयोग ने जनता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना है और तत्काल समाधान की जरूरत बताई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना होगा। 2 सितंबर को खरखड़ा गांव निवासी प्रकाश यादव ने आयोग को दी शिकायत में बताया था कि बारिश होने पर माइनर पुल पर जलभराव हो जाता है जिससे राहगीरों और वाहनों का गुजरना मुश्किल हो जाता है। मामले में आयोग ने प्रशासन का समस्या का स्थायी समाधान कराने का आदेश दिया है। जलभराव की समस्या का समाधान होने पर लोगों को राहत मिलेगी। प्रकाश यादव ने बताया कि पुल पर जलभराव से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और कामकाजी लोगों होती है।
स्थानीय निवासी रामपाल, विकास, मुकेश ने मानवाधिकार आयोग के आदेश का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जल्द समस्या का समाधान करेंगे। इस समस्या को लेकर गांव के लोग परेशान हैं। आयोग को दी गई शिकायत में खरखड़ा बस स्टैंड पर फ्लाईओवर का निर्माण कराने, माइनर पुल पर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को समाधान के लिए कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की गई है।