संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर के चर्चित हरीज्ञान एजुकेशन सोसाइटी (शिशुशाला स्कूल मॉडल टाउन) की अचल संपत्ति को लेकर कई दिनों से एडीसी द्वारा की जा रही जांच को पूरा कर लिया गया है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद डीसी ने अचल संपत्ति का हस्तांतरण किए जाने के दोषियों के कार्रवाई करने के आदेश दिए है। इसके साथ ही जिला रजिस्ट्रार फर्म एवं समितियां कार्यालय के तत्कालीन तहसीलदार के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए है।
इस मामले में डीसी ने संज्ञान लेते हुए प्रशासन की ओर से भविष्य में स्कूल एवं सोसाइटी का संचालन प्रशासन द्वारा करने, सोसाइटी द्वारा नियम विरुद्ध किए गए प्रस्ताव पर सदस्यों को सोसाइटी से बाहर करने, जिला रजिस्ट्रार फर्म एवं समितियां कार्यालय के खिलाफ जांच बैठाने, जिला रजिस्ट्रार फर्म एवं समितियां तथा सहायक जिला रजिस्ट्रार फर्म एवं समितियां को जांच में शामिल करने एवं भविष्य के लिए संस्था के हित को ध्यान में रखते हुए उपमंडल अधिकारी को प्रशासक रखने के आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
एडीसी की जांच में धोखाधड़ी का मामला आया सामने : डीसी
डीसी अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि उपरोक्त मामले में की गई कार्रवाई उपरांत संस्था एवं जमीन को संचालन के लिए प्रशासन को सौंपा जाना उचित है। अतिरिक्त उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने जांच में पाया कि वसीका नंबर 6103, 14 मार्च 2017 के माध्यम से सुनन्दा दत्ता द्वारा अपने पुत्र करण दत्ता के हक में 4000 वर्ग गज जगह, मकान मॉडल टाउन, रेवाड़ी को हस्तांतरित किया गया था।
उक्त वसीका में सुनन्दा दत्ता ने दावा किया था कि वह उक्त 4 हजार वर्ग गज जगह की पंजीकृत वसीयत वसीका नंबर 3702 की 27 मार्च 2011 के माध्यम से मालिक है। जांच रिपोर्ट के अनुसार वसीका नं. 3702, 27.03.2001 का राजस्व रिकार्ड में मिलान नहीं पाया गया जिससे साबित होता है कि यह वसीयत जो 27 मार्च 2001 को पंजीकृत दिखाई गई है, वह फर्जी है। फर्जी वसीयत के आधार पर सुनन्दा दत्ता ने अपने आपको मालिक दिखा कर 14 मार्च 2017 को वसीका नं0 6103 द्वारा गलत तरीके से अपने पुत्र के हक में हस्तान्तरण किया है।
4000 वर्ग गज है शिशुशाला स्कूल का क्षेत्रफल
डीसी ने तहसीलदार रेवाड़ी को आदेश दिए कि धोखाधड़ी से फर्जी रिकॉर्ड वसीयत तैयार कर निजी स्वार्थ के लिए हस्तांतरण कराने के लिए सुनन्दा दत्ता, करण दत्ता व संबंधित के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि शिशुशाला स्कूल का क्षेत्रफल 4000 वर्ग गज है। यह जमीन शान्ति दत्ता द्वारा 18.07.1963 को खरीदी गई तथा 4 अगस्त 1987 को हरिज्ञान एजुकेशन सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन संख्या 2007 के साथ गठन कर इस स्थान पर स्कूल चलाना शुरू किया। हरिज्ञान एजुकेशन सोसाइटी के तहत शिशु शाला स्कूल, मॉडल टाउन का संचालन किया जा रहा है। शान्ति दत्ता द्वारा दिनांक 27 मार्च 2001 को वसीका संख्या 3702 के तहत वसीयतनामा लिखा गया उस वसीयतनामा अनुसार शिशु शाला स्कूल के अंदर रिहायशी मकान को सुनन्दा दत्ता के नाम वसीयत किया गया, इस अनुमानित रिहायशी मकान का अनुमानित क्षेत्रफल 375 वर्ग गज है।
नहीं मिला जमीन की मलकियत को कोई सुबूत
वर्तमान में पुन: हलका पटवारी से रिहायशी मकान की नपाई करवाई गई जिसमें हलका पटवारी द्वारा इसका क्षेत्रफल 375 वर्ग गज बताया गया। वसीयतनामा अनुसार सुनन्दा दत्ता को केवल 375 वर्ग गज जगह का अधिकार प्राप्त था लेकिन सुनन्दा दत्ता द्वारा 4000 वर्ग गज का अचल संपत्ति हस्तान्तरण वसीका नंबर 6103, 14 मार्च 2017 के द्वारा अपने पुत्र करण दत्ता के नाम करा दी, जबकि सुनन्दा दत्ता के पास 4000 वर्ग गज जमीन की कोई मलकियत नहीं थी। यह अचल संपत्ति हस्तान्तरण नगर परिषद द्वारा दी गई प्रॉपर्टी टैक्स रसीद पर पंजीकृत किया गया जो कि हरियाणा सरकार के नियमानुसार रजिस्ट्री के लिए मान्य नहीं है और ना ही किसी मलकियत का सुबूत है।