संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। एम्स निर्माण की मांग को लेकर सोमवार को आयोजित महिला पंचायत में रेवाड़ी के विधायक चिरंजीव राव भी पहुंचे। उन्होंने एम्स संघर्ष समिति के आंदोलन को समर्थन दिया। विधायक ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार के राज में महिलाओं को एम्स के लिए धरना देना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2015 में मनेठी में एम्स बनवाने की घोषणा की थी लेकिन मात्र 3 वर्ष बाद 2018 में मुख्यमंत्री ही बोलते हैं की अति उत्साह में मैंने एम्स की घोषणा की थी। तभी से एम्स संघर्ष समिति संघर्षरत है। अनशन, धरना प्रदर्शन, पैदल मार्च आदि के बाद सरकार को झुकना पड़ा और 2019 में प्रधानमंत्री को यहां एम्स की घोषणा करनी पड़ी थी। उसके बाद लोग धरने से उठ गए थे। कहा कि जनता को क्या पता था कि यह भाजपा का जुमला है और चुनाव के बाद एम्स को भूल जाएंगे। हमारे यहां के लोगों ने सवेच्छा से 200 एकड़ जमीन भी एम्स के लिए सरकार को दे दी है। जबकि 2019 के बाद तीन एम्स की घोषणा देश में की गई और उनकी बिल्डिंग बनने लग रही हैं लेकिन हमारे एम्स का तो शिलान्यास तक नहीं किया गया है। कहा कि क्षेत्र के पिछड़ेपन के लिए राव इंद्रजीत सिंह जिम्मेदार हैं।