रेवाड़ी। जिले के निजी स्कूल संचालकों को फिलहाल सोमवार को बड़ी राहत मिली है। अब निजी स्कूल संचालक अपनी बसों की फिटनेस जल्द से जल्द ठीक कर सड़कों पर दौड़ा सकते हैं। इसके लिए उन्हें समय मिल चुका है, जिन स्कूलों ने बच्चों को घर से पढ़ने के लिए कहा था उनके अधिकतर वाहन शर्तों को पूरा नहीं कर रहे थे। ऐसे में कार्रवाई से बचने के लिए स्कूलों ने ऐसा किया था। कई स्कूलों ने नियम तोड़ने वाले वाहनों को शहर से ही बाहर भेज दिया है। अभी तक करीब 260 वाहनों को इंपाउंड किया जा चुका है। 550 वाहनों की लिस्ट शिक्षा विभाग की ओर से आरटीए को सौंपी गई थी। जब स्कूली बसों की कार्रवाई शुरू हुई तो बसें ही नहीं चल रही हैं। हरियाणा निजी स्कूल एसोसिएशन के राज्य प्रधान रामपाल यादव ने कहा कि प्रशासन की ओर से जो कार्रवाई की जा रही है वह बिल्कुल ठीक है, क्योंकि यह कार्रवाई नियम तोड़ने वालों के खिलाफ की जा रही है। राज्य प्रधान रामपाल यादव का कहना है कि सभी स्कूल प्रबंधन से अपील है कि नियमों का पालन करें, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से पहले ही बचा जा सके। रामपाल यादव ने बताया कि उनकी शिक्षा मंत्री के साथ बातचीत भी हुई थी, उन्होंने समय देने का आश्वासन दिया था, जो कि मिल चुका है।