भिवानी हुंकार रैली में भाग लेतीं रेवाड़ी की आशा, आंगनबाड़ी व मिड-डे-मील कार्यकर्ता।
रेवाड़ी। केंद्रीय श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी व स्कीम वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर रेवाड़ी से मिड-डे-मील, आशा व आंगनबाड़ी कर्मियों ने बड़ी संख्या में भिवानी हुंकार रैली में हिस्सा लिया। एआईयूटीयूसी के राज्य प्रधान कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने रेवाड़ी स्टेशन पर स्कीम कर्मियों व आम नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार स्कीम कर्मियों के प्रति गूंगी और बहरी बनी बैठी है। महंगाई की मार से पीड़ित परिवारों को जीने लायक वेतन नहीं दिया जाता। मिड-डे-मील कर्मी को महज 7000 रुपये, आशा को 4000 और आंगनबाड़ी हेल्पर्स को 6490 रुपये प्रति माह मिलते हैं, जबकि हरियाणा में एक एमएलए को 2 लाख 10 हजार रुपये मिलता है। कामरेड सिंह ने कहा कि बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ पर करोड़ों रुपये खर्च करने वाली सरकार अगर इसका 2 प्रतिशत भी खर्च कर दे तो स्कीम कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी हो सकती है। सरकार स्कीम कर्मियों की अभी तक अपना श्रमिक भी नहीं मानती जबकि गर्भ में बच्चा होने से लेकर 14 वर्ष पूरा होने पर आशा कार्यकर्ता, मिड-डे-मील कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका एक मां की तरह भूमिका अदा करती है।