रेवाड़ी। करीब चार माह बाद सोमवार को बुलाई गई रेवाड़ी नगर परिषद की बैठक डीएमसी व महिला पार्षद के बीच नोकझोंक के साथ ही हंगामेदार हो गई।
डीएमसी पर महिला पार्षद के साथ अभद्रता का आरोप लगाते हुए सभी पार्षदों ने सदन का बहिष्कार कर दिया। मुर्दाबाद के नारे लगाने के साथ ही नप चेयरपर्सन सहित सभी पार्षद परिसर में ही धरने पर बैठ गए। करीब आधा घंटे के इंतजार के बाद बैठक को बिना किसी प्रस्ताव पास किए रद्द कर दिया गया। धरना खत्म करने के बाद पार्षदों ने डीसी को ज्ञापन सौंपकर डीएमसी के तबादले की मांग की है।
बता दें कि पिछले करीब चार माह से रेवाड़ी नगर परिषद में ईओ से लेकर एक्सईएन व अन्य अधिकारियों के पद रिक्त थे, जिसके कारण न तो हाउस की बैठक हो पाई थी एवं न ही किसी विकास कार्य पर मोहर लग सकी थी। अधिकारियों की नियुक्ति के बाद सोमवार को हाउस की बैठक बुलाई गई थी। बैठक से पहले सभी 31 वार्ड पार्षदों को एजेंडा भेजा गया, जिसमें 26 प्रस्ताव पास होने थे। ज्यादातर प्रस्ताव विकास कार्यों से ही जुड़े हुए थे। बैठक में डीएमसी सुमिता ढाका, ईओ अरुण नांदल व एक्सईएन संजीव गुप्ता सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी पहुंचे थे।
बैठक शुरू होते ही हंगामा
हाउस की बैठक सुबह करीब साढे 11 बजे शुरू हुई। बैठक शुरू होते ही पार्षद पिछली बैठकों में पास हुए प्रस्तावों के बारे में जानने की बात पर अड़ गए, जिस पर अधिकारी मौन बैठे रहे। इसी दौरान महिला सरिता सैनी ने डीएमसी से आग्रह किया कि वे बैठक पूरी होने तक जाए नहीं। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई। आरोप है कि डीएमसी ने महिला पार्षद के साथ अभद्रता की। इसके बाद पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। साथ ही पार्षदों ने डीएमसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी।
डीएमसी ने पार्षदों के आरोपों को नकारा, कहा-निजी हितों के लिए बना रहे दबाव
डीएमसी सुमिता ढाका ने कहा कि उनकी पार्षदों के साथ कोई नाराजगी नहीं है। कुछ पार्षद अपने निजी हितों के लिए दबाव बनाना चाहते हैं, जिसे उन्होंने मना कर दिया। इसी बात पार्षदों का एक वर्ग नाराज था। डीएमसी ने बताया कि पार्षद वार्ड नंबर-12 में हर गलियों में बड़े-बड़े साइन बोर्ड लगवाना चाहते हैं। एक ही वार्ड में 200 बोर्ड लगाने की फाइल भेजी है। एक वार्ड में इतने सारे बोर्ड कैसे लग सकते हैं। डीएमसी कैसे इसकी अप्रूवल दी जा सकती है। एक वार्ड में लागत 24 लाख आ रही है। अगर 31 वार्ड में लगाएंगे तो 6 करोड़ रुपए हो गए। इतना बजट नगर परिषद कहां से लेकर आएगी। उस पर से इनके रखरखाव की समस्या होगी।
पार्षदों ने लगाए गंभीर आरोप
चेयरपर्सन पूनम यादव, वाइस चेयरमैन श्याम चुघ, भूपेंद्र गुप्ता, संगीतलता, सुरेश शर्मा, प्रवीण कुमार,सरिता सैनी, लोकेश राव, पार्षद दलीप माटा,प्रवीण चौधरी,मनीष गुप्ता, मोनिका,रेखा,मंजू, पूनम सतीजा, गिरीश भारद्वाज, चंदन यादव, निहाल सिंह,रंजना भारद्वाज,सुचित्रा चांदना, विजय राव,कुसुम लता,राधा सैनी,राजबाला राव,नीरज कुमार, राजेंद्र कुमार, रमेश कुमार, सुरेश कुमार व सुमन सहित अन्य पार्षदों ने कहा कि जब से डीएमसी आई है, तब से 7 करोड़ रुपए के टेंडर पेंडिंग है। जितनी भी फाइलें गई कोई पास नहीं कीं। ऊपर से अधिकारी और कर्मचारी पार्षदों के साथ अभद्रता करते हैं। प्रदेशभरमें एनडीसी का पोर्टल चला हुआ है। केवल रेवाड़ी का ही पोर्टल बंद है, जिससे जनता परेशान है। डीएमसी पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के टेंडर पर ऑब्जेक्शन लगा दिया। यहां जनप्रतिनिधि को कोई सुनता नहीं है।