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Rewari News: भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव का तोड़ा था घमंड

Fri, 16 Jun 2023 11:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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शुक्रवार को भागवत गीता सुनतीं महिलाएं। संवाद
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धारूहेड़ा। प्राचीन जोड़ वाले शिव मंदिर में शुक्रवार को भी श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ। इस दौरान आचार्य पंडित श्री बालकृष्ण भूपेंद्र महाराज ने श्रद्धालुओं को इंद्र देवता तथा भगवान श्रीकृष्ण के बारे में बताया। आचार्य ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पूजा की थी और इंद्र देवता का अहंकार तोड़ा था। भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र की पूजा की बजाय गोवर्धन की पूजा शुरू करवाई थी।
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आचार्य ने बताया कि द्वापर युग में पहले ब्रजवासी इंद्रदेव की पूजा करते थे। मगर भगवान श्रीकृष्ण का तर्क था कि देवराज इंद्र गोकुलवासियों के पालनहार नहीं हैं, बल्कि उनके पालनहार तो गोवर्धन पर्वत हैं, क्योंकि यहीं ग्वालों की गायों को चारा मिलता है, जिनसे लोग दूध प्राप्त करते थे। इसलिए भगवान श्रीकृष्ण ने गोकुलवासियों को कहा कि इंद्रदेव की नहीं, बल्कि गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए। इसके बाद गोकुलवासी देवराज इंद्र की बजाय गोवर्धन पर्वत की पूजा करने लगे। इस बात से देवराज इंद्र काफी क्रोधित हो गये। इस अपमान का बदला लेने के लिए देवराज इंद्र ने गुस्से में आकर ब्रजवासियों को भारी वर्षा से डराने का प्रयास किया। लगातार सात दिन तक इंद्र वर्षा करते रहे, मगर श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठ अंगुली पर उठाकर सभी गोकुलवासियों को इंद्र के कोप से बचा लिया। इन्द्रदेव को ब्रह्मा ने समझाया और श्रीकृष्ण से माफी मांगने की सलाह दी, जिसके बाद इन्द्रदेव ने कृष्ण से माफी मांग ली और उन्हें श्रीकृष्ण ने क्षमा किया। इस अवसर पर आयोजक पंडित उमेश मिश्रा, व्यवस्थापक सुरेश शास्त्री, हारमोनियम पर प्रताप, ढोलक पर जयदेव, रोहतास, मुख्य यजमान विशंभर सैनी, सारदा देवी, रामकिशन सैनी, गोपी चंद सैनी, मांगेराम, कृष्णा देवी, भतेरी देवी, अंजू बाला सैनी, शोभा सैनी, अंजना देवी, कृष्णा देवी आदि उपस्थित रहीं।
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