संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़। बीएसएफ में इलेक्ट्रिशियन के पद पर थे कार्यरत हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश यादव पिछले दिनों राजस्थान के बीकानेर के खाजूवाला सेंटर में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार को पैतृक गांव धारण अहीरों की ढाणी पहुंचते ही गांव में मातम छा गया। शहीद जवान का अंतिम दर्शन करने के लिए गांव के लोग उमड़ पड़े। सहकारिता मंत्री, अधिकारियों और ग्रामीणों ने नम आंखों से जवान को अंतिम विदाई दी।
शहीद ओमप्रकाश यादव का पार्थिव शरीर शुक्रवार को पैतृक गांव धारण अहीरों की ढाणीबावल पहुंचा। इसकी जानकारी होने पर लोग बावल में एकत्रित हो गए थे। वहां से ओमप्रकाश यादव के पार्थिव शरीर के साथ लोग नारे लगाते हुए गांव पहुंचे जहां उनको श्रद्धांजलि अर्पित की गई।इसकी जानकारी होने पर सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल, डीडीपीओ एचपी बंसल, बीडीपीओ, जिला प्रमुख मनोज कुमार पहुंचे और शहीद जवान को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण, बीएसएफ के अधिकारियों ने शहीद को अंतिम विदाई दी। राजकीय सम्मान के साथ गांव में ही ओमप्रकाश यादव की अंत्येष्टि की गई।
सरपंच राजेश ने बताया कि ओमप्रकाश यादव पत्नी संतोष देवी, दो पुत्रियां व एक पुत्र से भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। एयर फोर्स में कार्यरत ओमप्रकाश के बड़े भाई श्रीनिवासन यादव ने बताया कि छोटे भाई ओमप्रकाश यादव मिलनसार थे। छुट्टी पर जब गांव आते थे तो ग्रामीणों के साथ बात करते थे। ओमप्रकाश बीकानेर सेंटर के खाजूवाला में बीएसएफ की 114 बीएन बटालियन में हेड कांस्टेबल पद पर तैनात थे। इलेक्ट्रिशियन पद को संभालते हुए वह खाजूवाला में पानी में बिजली तार को ठीक करते समय वीरवार को शहीद हुए थे।