भरत व श्रीराम संवाद का मंचन करते कलाकार। स्त्रोत: आयोजक
रेवाड़ी। श्री घंटेश्वर महादेव मंदिर आदर्श रामलीला के मंच पर भरत मिलाप, शूर्पणखा की नाक काटने और खर-दूषण वध की लीला का मंचन किया गया। लीला के सचिव याद के सुगंध ने बताया कि ननिहाल से अयोध्या लौटने पर भरत और शत्रुघ्न को भगवान राम और लक्ष्मण के वन जाने की जानकारी मिलती है। इसके बाद भरत श्रीराम से मिलने वन में पहुंचते हैं और उन्हें अयोध्या वापस लौटने के लिए मनाते हैं। श्री राम के समझाने पर भरत उनकी चरण पादुकाएं लेकर लौटते हैं। इसके बाद पंचवटी में शूर्पणखा पहुंचती है। इस दौरान लक्ष्मण शूर्णणखा की नाक काट देते हैं। अपमानित शूर्पणखा अपने भाइयों खर और दूषण के पास पहुंचकर उन्हें राम और लक्ष्मण के खिलाफ भड़काती है। इसके बाद खर-दूषण युद्ध के लिए पहुंचते हैं और श्रीराम के हाथों उनका वध हो जाता है।