संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर की नई अनाज मंडी में एक अक्तूबर से बाजरे और धान की खरीद शुरू होगी। इसको लेकर मुख्यालय की ओर से मार्केट कमेटी को मंडी की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी मंडी में पेयजल और शौचालय की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई है। स्थिति यह है कि शौचालय में रसोई का सामान रखा है जबकि वाटर कूलर के चारों तरफ गंदगी है।
अमर उजाला की टीम ने सोमवार को अनाज मंडी में व्यवस्था का जायजा लिया तो पता चला कि मंडी के शौचालय का इस्तेमाल घर के रूप में किया जा रहा है। शौचालय में रसोई का सामान, गैस सिलिंडर आदि रखा था। दो शौचालय मार्केट कमेटी कार्यालय से मात्र 300 मीटर की दूरी पर हैं लेकिन मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र यादव ने इनकी सुध नहीं ली। वह शौचालयों की दशा से अनजान हैं। शौचालयों की इस स्थिति के चलते किसानों को परेशानी हो रही है।
मंडी में दो वाटर कूलर से पानी आ रहा है लेकिन आसपास इतनी गंदगी है कि वहां पानी पीने की इच्छा न हो। मुख्यालय स्तर पर आदेश मिलने के बाद ही व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई। अगर शौचालय को ठीक किया जाए तो एक हफ्ते से अधिक समय लगेगा। मार्केट कमेटी सचिव से बातचीत की गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
मार्केट कमेटी के सचिव ने बताया व्यवस्था दुरुस्त
मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र यादव ने बताया कि व्यवस्था दुरुस्त करवा दी गई है। वाटर कूलर से पानी आ रहा है। जब सचाई से अवगत कराया गया तो उन्होंने कहा कि आप किस अनाज मंडी की बात कर रहे हैं। नई अनाज मंडी में व्यवस्था ठीक है।जब उनको बताया गया कि शौचालय में रसोई का सामान रखा है तो उन्होंने जवाब दिया कि ऐसा हो ही नहीं सकता है। कहा कि हमने शौचालयों को ठेके पर दिया है। हो सकता है देखरेख के लिए वहां पर लोग हों।
कपास और सरसों बेचने के लिए पहुंच रहे किसान
मौजूदा समय में किसान मंडी में कपास और सरसों की फसल बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। जो किसान ग्रामीण क्षेत्रों से मंडी में अपनी सरसों की फसल बेचने के लिए पहुंच रहे हैं उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अनाज मंडी में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक कार्य करते हैं। शौचालय दुरुस्त न होने से श्रमिकों को परेशानी होती है। श्रमिक रमेश, प्रकाश, रामलाल ने बताया कि वह अनाज मंडी में हर वर्ष कार्य करने के लिए आते हैं। शौचालय की व्यवस्था इसी प्रकार देखने को मिलती है। वाटर कूलर के पास गंदगी रहती है।