रेवाड़ी। शहर के सर्कुलर रोड स्थित सेेंट एंड्रयूज चर्च में धूमधाम से क्रिसमस डे मनाया गया। इस दौरान एक विशेष प्रार्थना सभा भी हुई। इसके बाद ईसाई समाज के लोगों ने एक दूसरे को केक खिलाकर मुंह मीठा कराया। साथ ही क्रिसमस की बधाई दी। जिंगल बेल, जिंगल बेल... की मधुर धुन से माहौल खुशनुमा हो गया। इस दौरान ईसाई समाज के लोगों ने प्रार्थना कर प्रभु यीशु से अमन और चैन की कामना की।
सांता क्लॉज बने बच्चों और बुजुर्गों ने एक दूसरे को उपहार बांटे। इस दौरान रंगबिरंगी रोशनियों से शहर के सभी चर्च जगमगाते रहे। जश्न के दौरान मसीह समाज के लोगों ने जमकर आतिशबाजी भी की। जिससे आसमान में सतरंगी छठा बिखर गई।
लोगों ने खूब मस्ती की
इस मौके पर सभी लोगों ने मोबाइल फोन से सेल्फी लीं और वीडियो बनाकर उन्हें अपने दोस्तों और परिचितों को भेजा। लोगों ने नये कपड़े पहने और अपने बच्चों को सेंटा क्लॉज की ड्रेस में तैयार किया। दिन ढलते ही ईसाई समाज के लोग गिरजाघरों में पहुंचने लगे। शहर के सभी गिरजाघरों में रात को कैंडल जलाकर प्रार्थना की गई। लोगों ने बच्चों को उपहार भी भेंट किए। क्रिसमस की खुशियों में गैर ईसाई लोग भी इसमें शामिल हुए। बाजारों में देर रात तक दुकानें खुली रहीं।
क्रिसमस का मतलब, प्रभु हमें शांति देने आए हैं: फादर
सेंट एंड्रयूज चर्च के फादर ऐरिस डेनियलस ने बताया कि प्रभु यीशु के जन्म पर दूत आए और सबसे पहले गडरियों को संदेश दिया। दूतों को देखकर गडरिए डर गए। इस दौरान दूतों ने कहा कि डरो मत, हम बड़े आनंद का शुभ समाचार सुना रहे हैं। आपके उद्धारकर्ता ने जन्म लिया है। इस क्रिसमस से हम अच्छे कार्य करें और शांति का संदेश दें। क्रिसमस का मतलब है कि प्रभु हमें शांति देने आए हैं। हम अच्छे कार्य करें, जिससे हमें शांति मिल सके।