संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। पुलिस ने गांव कालूवास के फ्लाईओवर के नीचे 4 दिन पहले हुए फोटोग्राफर मोहनलाल हत्याकांड का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार मोहनलाल के दामाद रामजस ने ही तीन लाख रुपये की सुपारी देकर शूटर से उनकी हत्या कराई थी। शूटर दीपक को सीआईए की टीम ने राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही आरोपी रामजस की भी तलाश भी की जा रही है।
डीएसपी संजीव बल्हारा ने प्रेसवार्ता में बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान मोहनलाल के शरीर से 2 गोलियां निकाली गई थीं। मामले की जांच एसपी दीपक सहारण ने सीआईए-1 इंचार्ज सुमेर सिंह की टीम को सौंपी थी। सुमेर सिंह की टीम ने जांच को आगे बढ़ाया तो एक सुराग हाथ लग गया। पुलिस को पता चला कि मोहनलाल की बेटी पति के साथ विवाद के चलते अपने मायके पर काफी समय से रह रही है। इसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया तो पता चला कि जिला अलवर के गांव इसरोदा निवासी दीपक की इस केस में भूमिका हो सकती है। पुलिस ने दीपक की लोकेशन ट्रेस कर उसे राजस्थान के भिवाड़ी से दबोच लिया। उससे पूछताछ की तो उसने मोहनलाल की हत्या की बात कबूल कर ली।
उन्होंने बताया कि आरोपी दीपक की मोहनलाल से कोई दुश्मनी नहीं थी, बल्कि मोहनलाल के दामाद रामजस ने ही उसे 3 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई है। पुलिस ने मामले में रामजस को भी नामजद किया है। हत्या के पीछे की वजह रामजस और उसकी पत्नी के बीच विवाद सामने आया है। रामजस भी आरोपी दीपक के गांव इसरोदा का रहने वाला है। पुलिस की टीमें आरोपी रामजस की तलाश कर रही है। इसके साथ ही पुलिस आरोपी दीपक यादव का भी क्राइम रिकॉर्ड खंगालने में जुटी है।
यह था मामला
रेवाड़ी जिले के गांव ढाणी सुंदरोज निवासी मोहनलाल (44) फिलहाल शहर के यादव नगर में परिवार के साथ रह रहे थे। उन्होंने घर के पास ही फोटो स्टूडियो खोला था। 7 नवंबर की देर शाम उनके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने उन्हें फोटो खिंचवाने के लिए बुलाया। इसके बाद वह नहीं लौटे। उसी रात उनका शव गांव कालूवास के फ्लाईओवर के नीचे पड़ी मिली थी। शरीर पर 2 गोलियां लगी हुई थीं, जिसमें एक गोली उनकी छाती से आरपार हो गई थी।