रेवाड़ी। नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) ने हाल ही में स्वास्थ्य विभाग हरियाणा की ओर से जारी कुछ निर्देशों पर आपत्ति जताई है। कहा कि किसी एक घटना या व्यक्ति के आधार पर संपूर्ण चिकित्सक समुदाय या किसी विशेष चिकित्सा पद्धति को दोषी ठहराना अनुचित है। नीमा रेवाड़ी अध्यक्ष डॉ. राकेश शर्मा, सचिव डॉ. शिव कुमार और कोषाध्यक्ष डॉ. सुदर्शन अरोड़ा ने संयुक्त रूप से कहा कि यदि कोई डॉक्टर, चाहे वह किसी भी पद्धति (एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी आदि) से संबंधित हो, अवैध गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। किसी विशेष पद्धति को संदेह के घेरे में लाना न्यायसंगत नहीं है। संवाद