रेवाड़ी। नए सत्र से राजकीय विद्यालयों की विज्ञान प्रयोगशालाओं में प्रैक्टिकल करवाना अनिवार्य होगा। शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों में विज्ञान की पढ़ाई को प्रभावी बनाने व विज्ञान प्रयोगशालाओं को सुचारू रूप से चलाने के निर्देश दिए हैं।
आदेश में कहा गया है कि शिक्षकों को प्रयोगशालाओं में होने वाली सभी गतिविधियों का रिकॉर्ड रखना होगा और विद्यार्थियों से समय-समय पर प्रैक्टिकल करवाने होंगे। अगर किसी विद्यालय में निरीक्षण के दौरान प्रयोगशाला में प्रयोग होने वाली किट व अन्य सामान का प्रयोग नहीं होता पाया गया तो उसकी जवाबदेही संबंधित शिक्षक की होगी।
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जिला विज्ञान विशेषज्ञ रेनू यादव ने बताया कि विद्यालयों में विज्ञान प्राध्यापक एवं अध्यापक प्रयोगशालाओं का नियमित रूप से प्रयोग करने के साथ ही प्रैक्टिकल का वीडियो बना कर शिक्षा विभाग को भेजेंगे। प्रायोगिक गतिविधियां और प्रोजेक्ट कार्य आयोजित करवा कर लॉग बुक में रिकॉर्ड रखना होगा। यह भी बताना होगा कि किस कक्षा को किस तारीख को विज्ञान का प्रैक्टिकल करवाया गया। प्रैक्टिकल के समय कक्ष में कितने विद्यार्थी उपस्थित थे। विज्ञान के प्रैक्टिकल में किन सामान इस्तेमाल हुआ। उसका भी रिकॉर्ड विद्यालय को रखना होगा।
विद्यालय को इन निर्देशों का करना होगा पालन
स्कूलों में सुझाव पेटी लगाई जाए ताकि विद्यार्थी विज्ञान शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव पत्र के माध्यम से सुझाव पेटी में डाल सकें। साइंस किट के माध्यम से विज्ञान के प्रैक्टिकल करवाए जाएं। सभी स्कूलों में विज्ञान कक्षा की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाए। विज्ञान प्रैक्टिकल का पाठ्यक्रम लैब में चस्पा किए जाएं। विज्ञान के प्रैक्टिकल पाठ्यक्रम के अनुसार हो।
स्कूलों में प्रैक्टिकल करवाना अनिवार्य है। शिक्षकों को प्रैक्टिकल का वीडियो बना कर शिक्षा विभाग को भेजना होगा। साथ ही प्रयोग गतिविधियां और प्रोजेक्ट कार्य आयोजित करवा कर शिक्षक को लॉग बुक में कराई गई गतिविधि का रिकॉर्ड रखना होंगा।-
रेनू यादव, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, शिक्षा विभाग रेवाड़ी।