बावल। कस्बे में 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत लोगों को जागरूक किया गया। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि बाल विवाह के खतरे, संबंधित कानूनों और रोकथाम के उपायों पर आंगनबाड़ी, स्कूल और कॉलेज सहित 100 गांवों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। गांवों में बाल कल्याण समितियां भी गठित की जा रही हैं ताकि रेवाड़ी को पूर्ण रूप से बाल विवाह मुक्त बनाया जा सके। डीसी ने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत लड़की की शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष है। इससे कम उम्र में शादी कराना दंडनीय अपराध है। संवाद