कोसली। ई टेंडरिंग व राइट टू रिकॉल के विरोध में नाहड़ सरपंच एसोसिएशन का धरना शुक्रवार को 33वें दिन भी जारी। इस दौरान सरंपचों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना स्थल पर आंदोलन कर रहे सरपंचों को समर्थन देने के लिए विभिन्न गांवों के लोग पहुंचें। सरपंचों ने पंचायत मंत्री द्वारा दिए गए बयानों की कड़ी निंदा की है।
बतादें कि सरकार की ओर से लागू किए गए ईटेंडिंरग व राइट टू रिकॉल कानून के बाद से गुस्साएं सरपंचों की ओर से नाहड़ खंड कार्यालय पर सरपंचों की ओर से अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है।
संगठन के प्रधान महेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि पंचायत मंत्री द्वारा सरपंचों के खिलाफ दिया गया बयान निंदनीय है। ऐसा कैसे हो सकता है कि जनता का चुना हुआ जनप्रतिनिधि ही जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के बारे में ऐसा बयान दे कि सरपंचों को हटाकर पंचों की शक्तियों दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरपंच पिछले 33 दिन से आंदोलन कर रहे है, लेकिन गूंगी बहरी सरकार सरपंचों से बात करना भी उचित नहीं समझ रही है।
इस अवसर पर संगठन के संरक्षक प्रहलाद सिंह,महासचिव आशिष, उपप्रधान श्याम सिंह , सरपंच सुरेन्द्र, बव्वा से सुनीता, जिला पार्षद विनोद गोला, सज्जन मुमताजपुर, राकेश गढ़ी,नरेन्द्र गुड़ियानी, कोषाध्यक्ष अजीत जुड़ी,इंद्रजीत झाड़ौदा, रणबीर कोहारड़ व विक्रम झाल सहित अन्य सरपंच मौजूद रहे।