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सब इंस्पेक्टर की हत्या के मामले में दोषी को अदालत ने सुनाई फांसी की सजा, लगाया एक लाख का जुर्माना

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जिला न्यायालय में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने ऐतिहासिक निर्णय देते हुए हरियाणा पुलिस के सब इंस्पेक्टर(एसआई) रणबीर सिंह की हत्या के दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। दोषी पर अदालत ने एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में दो अन्य आरोपियों सुधीर व संजीव को अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।
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गुरुग्राम के गांव जटौला निवासी सब इंस्पेक्टर रणबीर सिंह धारूहेड़ा में थाना सीआई-2 के इंचार्ज के रूप में तैनात थे। 15 अगस्त 2018 को उन्हें सूचना प्राप्त हुई कि एक शराब ठेकेदार की हत्या और एक अन्य मामले में वांछित अपराधी नरेश निवासी खरखड़ा धारूहेड़ा में है। रणवीर सिंह अपनी टीम के साथ नरेश को पकड़ने के लिए बताए गए स्थान की ओर रवाना हो गए। अलवर-बाईपास के निकट धारूहेड़ा-भिवाड़ी बार्डर पर पुलिस टीम ने आरोपी नरेश को घेर लिया। अपने को घिरा देख नरेश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी जिसमें सब इंस्पेक्टर रणवीर सिंह को गोली लगी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस टीम ने नरेश को काबू कर लिया। सब इंस्पेक्टर रणवीर सिंह को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
आरोपी नरेश कुमार ने पूछताछ में बताया था कि उसे मोदीनगर के संतपुरा गोविंदपुरी निवासी संजीव उर्फ संजू और देहरादून की ईदगाह कॉलोनी निवासी सुधीर उर्फ टिल्लू ने हथियार उपलब्ध करवाया था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या के प्रयास, हत्या व आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।
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पुलिस ने अपनी जांच पूरी करके मामला कोर्ट के समक्ष रखा। अदालत ने आरोपियों पर चार्ज लगाते हुए केस का ट्रायल शुरू किया। केस में अभियोजन पक्ष व बचाव पक्ष की ओर से अपनी-अपनी दलीलें व साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। मामले को सुनते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग ने दो आरोपियों संजीव व सुधीर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया जबकि नरेश को दोषी ठहराया। अदालत ने दोषी नरेश कुमार को फांसी की सजा सुनाई और विभिन्न धाराओं के तहत एक लाख रुपये का जुर्माना किया।
रेवाड़ी में पहले भी सुनाई जा चुकी है फांसी की सजा
इससे पहले भी रेवाड़ी कोर्ट में एक हत्या, बलात्कार व पॉक्सो एक्ट के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार द्वारा दोषी सन्नी को फांसी की सजा सुनाई थी। हालांकि बाद में हाईकोर्ट में अपील के बाद आरोपी की सजा फांसी से बदलकर उम्रकैद कर दी गई।
कुल 26 गवाहों के बयान दर्ज किए
करीब 4 साल तक एडिशनल सेशन कोर्ट में इस मामले में कुल 26 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। वकीलों की दलीलें और गवाहों के बयान के आधार पर हत्या के मामले में संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने वीरवार को संजीव और सुधीर को हत्या के आरोप से मुक्त कर दिया। मुख्य आरोपी नरेश को हत्या का दोषी करार दिया था। शुक्रवार को नरेश की पेशी के वक्त पूरा कोर्ट परिसर छावनी में तब्दील रहा। इसके बाद कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई।
1992 में हुए थे कांस्टेबल भर्ती
गुरुग्राम के गांव जटौला निवासी रणबीर सिंह 2 अगस्त 1992 में हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे। रणबीर पहले भी गो तस्करों से मुठभेड़ में घायल हो चुके थे। उनके परिवार में छोटा भाई मनबीर, मां, पत्नी, 2 बेटियां व एक 13 साल का बेटा है। वे परिवार के साथ दिल्ली रोड स्थित पुलिस लाइन में रहते थे। रणबीर के पिता भी हरियाणा पुलिस में एएसआई रह चुके हैं।
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रणबीर की ड्यूटी के दौरान उपलब्धियां
-1 मई 2015 को महेश्वरी में शराब ठेके पर लूटपाट करने वाले पकड़े।
-27 अगस्त 2015 बास रोड से लाखों रुपये के जेवरात लूटने वाले बदमाश पकड़े।
-सितंबर 2015 मनीराम मार्केट से लाखों रुपये के जेवरात लूटने वाले मामले का पर्दाफाश किया।
-जून 2016 में करीब 2 लाख रुपये कीमत के जेवरात से भरा बैग बरामद कर मामला का पर्दाफाश किया।
-22 सिंतबर 2016 में लंगड़ा गिरोह सरगना को दबोचा ।
-30 नवंबर 2016 में हाईवे पर 80 लाख रुपये की डकैती में बदमाशों की गिरफ्तारी। करीब 46 टन चंदन की लकड़ी पकड़ी।
-31 दिसंबर 2017 में नंदरामपुर बास रोड पर पेट्रोल पंप व कार लूटने वाले बदमाशों को गिरफ्तार किया।
-30 जनवरी 2018 में लाखों रुपये की अवैध शराब से भरा ट्रक पकड़ा।
-18 मई 2018 में मुठभेड़ के बाद 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश उमर को साथियों सहित काबू किया।
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