जिला न्यायालय में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार दीवान की अदालत ने आलू गैंग के 7 गुर्गों को सजा सुनाई है। झोटा गैंग के सरगना के घर पर फायरिंग कर हत्या का प्रयास करने के मामले में पुलिस ने सभी दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 22-22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
मोहल्ला संघी का बास निवासी सुनील ने पुलिस की शिकायत दी थी आलू और झोटा गैंग के बीच रंजिश है। दोनों ही गैंग के बीच रेवाड़ी में कई बार गैंगवार में खूनी खेल हो चुका है। गैंगवार के चलते ही 27 अक्तूबर 2014 को संघी का बास निवासी कुख्यात बदमाश राजकुमार उर्फ झोटा के भाई सुनील पर उसके घर के बाहर ही कुख्यात बदमाश आलू के सगे भाई धारूहेड़ा चुंगी निवासी योगेश उर्फ भोटा, सुनील, प्रवीण उर्फ मियां, नवीन उर्फ बादशाह, पवन उर्फ पंजी, जम्मू के कुपवाड़ा निवासी बिलाल अहमद, महावीर नगर निवासी राकेश उर्फ राका व कतोपुरी निवासी चंद्रपाल उर्फ धम्मन ने फायरिंग कर दी थी। वारदात में सुनील बाल-बाल बच गया था। शहर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों योगेश उर्फ भोटा, बिलाल अहमद निवासी राजवतपुरा, जिला कुपवाड़ा जम्मू कश्मीर, नवीन उर्फ बादशाह, पवन उर्फ पंजी, राकेश उर्फ राव साहब महावीर नगर, प्रवीन उर्फ मियां, सुनील, चंद्रपाल उर्फ धर्मपाल निवासी सूमा कतोपुरी के खिलाफ चार्जशीट प्रस्तुत की। ट्रायल के दौरान एक आरोपी पवन उर्फ पंजी की मृत्यु हो गई थी। पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों, गवाहों व बचाव पक्ष द्वारा दी गई दलीलों के आधार पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार सभी दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाई है और प्रत्येक दोषियों पर 22-22 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है।