रेवाड़ी। शहर के लघु सचिवालय के बाहर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने मांगों को लेकर जिला प्रधान राजकुमार की अध्यक्षता में धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने डीडीपीओ नरेन्द्र सारवान के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सीटू यूनियन के जिला जिला सचिव रामचन्द्र व जिला उपप्रधान रामकुमार ने कहा कि प्रदेश के करीब 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मचारी को मार्च माह का वेतन नहीं मिला है। ऐसे में इन कर्मचारियों को बच्चों का पालन पोषण करने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि ये मार्च-अप्रैल का महीना सबसे खर्चीला होता है। इस महीने में बच्चों का स्कूल में दाखिला कराना होता है व सालभर का अनाज लेना पड़ता है। सबसे कम वेतन लेने वाले ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का मार्च व अप्रैल का वेतन तुरंत दिया जाए। अनाज खरीदने के लिए प्रति कर्मचारियों 20 हजार रुपये बिना ब्याज के एडवांस दिए जाए। उन्होंने कहा कि 24 नवंबर को जींद में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय महासम्मेलन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा ग्रामीण सफाई कर्मचारी को 26 हजार वेतन देने की घोषणा की थी। करीब 4 से 5 महीने बीत जाने के बाद भी 26 हजार का पत्र जारी नहीं हुआ है। 6 फरवरी को मात्र 1 हजार रुपये का पत्र जारी करके कर्मचारियों के साथ मजाक किया है, जिससे 26 हजार वेतन लागू करने पर सवालिया निशान लग गया है। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की तरफ ध्यान नहीं देगी तो 20 मई को राज्यव्यापी हड़ताल होगी।