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स्टांप ड्यूटी का बकाया 24 करोड़ रुपये मिले तो 31 वार्डों की सुधरे सूरत

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रेवाड़ी। शहर में नगर परिषद के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों की रफ्तार का पेच वित्त विभाग में फंसा हुआ है। विभाग पर नगर परिषद का स्टांप ड्यूटी का 24 करोड़ रुपये बकाया है। यदि यह रुपये मिल जाएं तो 31 वार्डों की सूरत सुधर जाएगी। इसे लेकर 23 अप्रैल को 24 नगर पार्षद नप चेयरपरसन पूनम यादव के साथ उपायुक्त यशेंद्र सिंह से भी मुलाकात कर चुके हैं। अभी यह मामला हल नहीं हुआ है। अब गेंद वित्त विभाग के पाले में है।
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नगर परिषद के 31 वार्डों में विकास कार्य कराने के लिए अधिकतर पार्षदों ने विकास कार्यों को सदन में रखा था। इसे सदन ने सर्वसम्मति से पारित भी कर दिया। इन कार्यों को पूरा कराने के लिए नगर परिषद के अधिकारियों ने शहरी स्थानीय निकाय के निदेशक की संस्तुति और वित्त विभाग की मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री को फाइल भेजने की बात कहते हुए कार्यवाही आगे बढ़ा दी। इसके बाद से यह मामला लटका हुआ है। शहर में अधिकांश विकास कार्य धन की कमी से लंबित हैं, हालांकि अधिकारी और सत्ता पक्ष से जुड़े पार्षद मामले पर मौन साधे हुए हैं, मगर विपक्ष विकास कार्यों कराने के लिए सत्ता पक्ष के पार्षदों का साथ लेकर अपनी राह बना रहा है। ऐसी सूरत में कुछ पार्षदों के मुंह से नप के पास धन अभाव की बात सामने आ रही है।
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राजस्व विभाग पर बकाया 24 करोड़
नगर में राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों पर मिलने वाली स्टांप ड्यूटी में नगर परिषद को मिलने वाली हिस्सा राशि, जो अब बढ़कर 24 करोड़ से अधिक हो गई है। उसे नगर परिषद विकास के कार्यों में इस्तेमाल करना चाहती है। नगर परिषद के खजाने की हालत जानने के बाद कुल 26 पार्षदों ने नप चेयरपर्सन पूनम यादव के साथ 23 अप्रैल को उपायुक्त यशेंद्र सिंह से मुलाकात करके राजस्व विभाग से परिषद का बकाया 24 करोड़ जल्द दिलाने की गुहार लगाई। उपायुक्त ने इस मामले में पार्षदों को यह आश्वासन दिया कि वे जल्द ठोस कदम उठाएंगे। इस मामले में पत्र व्यवहार करते हुए एक फाइल राज्य मुख्यालय भेजी गई, जिस पर राजस्व विभाग की हां के बाद वित्त विभाग में मंजूरी मिलने के बाद नप को बकाया 24 करोड़ रुपए मिलने की पुर उम्मीद है।
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वित्त विभाग की एक हां से नगर परिषद का खजाना लबालब भर सकता है। फिलहाल नगर परिषद को संपत्ति दस्तावेज और कर वसूली से 31 मार्च तक सवा करोड़ से अधिक राशि जमा हो चुकी है। मगर बजट बैठक के अनुसार नगर में 66 करोड़ से अधिक के विकास कार्य कराए जाने प्रस्तावित हैं।
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जल्द मिले बकाया राशि
- उपायुक्त से सभी पार्षदों ने बकाया 24 करोड़ दिलाने के लिए गुहार लगाई थी। मामला वित्त विभाग के पास मंजूरी के लिए भेजा हुआ है। वहां से अभी जवाब नहीं आया है। यह राशि मिलने के बाद शहर में विकास कार्यों की गति तेज होने की उम्मीद है। सरकार जल्द बकाया धनराशि दिलाए। - प्रवीन कुमार नगर पार्षद वार्ड 3
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- यह मामला काफी दिनों से लंबित है। 23 अप्रैल को हम उपायुक्त से इस मामले में मिले थे। उन्होंने चार-पांच दिन में मामले को हल कराने का आश्वासन दिया था। मेरी जानकारी के अनुसार अभी मामला लंबित है।
- सुरेश शर्मा नगर पार्षद वार्ड 2
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इन कार्यों के लिए नप को चाहिए धन
- नप चेयरपर्सन पूनम यादव के कथनानुसार नगर परिषद को धन की जरूरत शहर के सार्वभौमिक विकास के लिए होती है। बाहरी कालोनियों में विकास कार्य करा जाने हैं। वहां गलियों के निर्माण के अलावा पेयजल और सीवर के लिए लाइन डालने की जरूरत है। विकास के लिहाज से शहर के वार्ड 4, 12, 29, 30 और 31 में काम कराए जाने की जरूरत है। सार्वजनिक पार्कों के विकास के लिए रूपरेखा बनाई गई है। चौक-चौराहों के रख-रखाव के लिए कार्य योजना प्रस्तावित है। इसके अलावा नगर परिषद की गत 14 मार्च को आयोजित आम बैठक में पारित विकास कार्यों को भी अमली जामा पहनाए जाने की सख्त जरूरत है।
कोट
जिला प्रशासन और उपायुक्त के संज्ञान में सभी पार्षद एकजुट होकर 23 अप्रैल को मामले को ला चुके हैं। उपायुक्त ने सकारात्मक आश्वासन दिया है। मामले में सरकारी कार्रवाई जारी है। उम्मीद है, जल्द अच्छी खबर आएगी।
-पूनम यादव, नप चेयरपर्सन रेवाड़ी।
कोट
विगत दिनों चेयरपर्सन और पार्षदों ने मिलकर 24 करोड़ रुपये दिलाने की बात कही थी। इस दिशा में कार्रवाई चल रही है। ताकि वह राशि नगर परिषद को मिल जाए, जिससे शहर का विकास किया जा सके। शहर के विकास के लिए जिला प्रशासन भी अग्रणी है।
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-यशेन्द्र सिंह, उपायुक्त रेवाड़ी
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