रेवाड़ी। महेंद्रगढ़ के कनीना में स्कूल हादसे के बाद जागी सरकार की ओर से प्राइवेट स्कूलों को बसों के संचालन को लेकर दिया गया समय रविवार को पूरा हो गया। अब बसों की जांच शुरू की जाएगी। किसी बस में खामी मिली तो एक्शन लिया जाएगा। इसे लेकर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की ओर से सभी आरटीए को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
बसों की जांच सड़क पर भी हो सकेगी और टीमें स्कूल में जाकर भी जांच कर सकती हैं। जिलों में इसके लिए टीमों का गठन भी किया गया है। विभाग की ओर से इसे लेकर 28 बिंदुओं की एक गाइडलाइन भी जारी की गई। स्कूल बस हादसे के बाद विभाग ने जब ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की तो प्राइवेट स्कूल संगठनों ने सरकार से कुछ समय दिए जाने की मांग की थी। मामला परिवहन मंत्री असीम गोयल और शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा तक पहुंचा तो स्कूल संचालकों को बसों की फिटनेस से लेकर सभी दस्तावेज पूरे करने का वक्त दिया गया। यह समय सोमवार को पूरा हो चुका है। इसलिए अब कार्रवाई शुरू की जाएगी।
850 से अधिक स्कूल बसों की हो चुकी है जांच
पिछले दिनों शहर के सेक्टर-18 में फिटनेस जांच के लिए आए विभिन्न स्कूलों के अधिकांश वाहनों में फिर खामियां पाई गई थी। समय-समय पर 5 दिनों तक फिटनेस की जांच हुई थी। फिटनेस के लिए आए बसों में टूटी हेडलाइट, इंडिकेटर, खराब सीसीटीवी, फायर सिलेंडर न होना, टेप लगी नहीं होना व फर्स्ट एड बॉक्स के न होने सहित कई खामियां पाई गई थीं। अभी तक जिले में 850 स्कूल बसों की जांच की गई है, जहां 265 अनफिट बसों को इंपाउंड और 60 बसों के चालान काटकर 3 लाख 58 हजार से अधिक का जुर्माना भी किया गया है। कार्रवाई से बचने के लिए निजी स्कूल संचालक कैमरे व जीपीएस आदि लगवा रहे हैं। साथ ही अन्य खामियों को भी पूरा करने में जुटे हुए हैं।
विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
डीसी ने स्कूल संचालकों व प्रबंधकों के साथ मीटिंग में बहुत ही स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। स्कूल संचालकों को सरकार द्वारा तय मानकों को पूरा करने वाली बसों का ही संचालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश जारी कर रखे हैं। असुरक्षित वाहन सड़क पर मिले तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त कर लिया जाएगा।
निजी स्कूल वाहनों को पूरे करने होंगे ये नियम
स्कूल वाहनों में ड्राइवर के पास 5 वर्ष के अनुभव के साथ वैध ड्राइविंग लाइसेंस, वैध कंडेक्टर-अटेंडेंट लाइसेंस, चालक व परिचालक की नेम प्लेट लाइसेंस नंबर के साथ उनकी वर्दी पर, वाहनों का वैध रजिस्ट्रेशन व फिटनेस प्रमाण पत्र, वैध रूट परमिट की अनुमति, मापदंड के अनुसार बसों का रंग, वैध इंश्योरेंस, पॉल्यूशन प्रमाण पत्र, वाहनों में मापदंडों के अनुसार स्पीड गवर्नर व जीपीएस लगा हो और ठीक से कार्य कर रहा हो, अग्निशमन यंत्र लगा हो, वाहनों के हॉर्न चालू हालत में हों, टायर की हालत अच्छी हो, ब्रेक व आपातकालीन ब्रेक सही हालत में हों, इंडीकेटर चालू हों, हेड व बैक लाइट चालू हों, बसों के आगे व पीछे रिफलेक्टर व रिफलेक्टिव टेप लगी हुई हो, वाइपर चालू हों, दवाईयों की समाप्ति तिथि चैक किया हुआ फर्स्ट एड बॉक्स लगा हो।
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प्राइवेट स्कूलों को बसों की फिटनेस ठीक करने के लिए जो समय दिया गया था, वह पूरा हो चुका है। नियम तोड़ते हुए कोई स्कूल बस पाई जाती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
जसबीर, आरटीए अधिकारी