लघु सचिवालय गेट पर प्रदर्शन करते किसान। संवाद
रेवाड़ी। एमएसपी पर बाजरे की सरकारी खरीद शुरू कराने की मांग को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी के 25 सदस्यों ने अनाज मंडी के गेट के सामने भूख हड़ताल की। किसानों ने डीआरओ प्रदीप देशवाल को ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि एक अक्तूबर से एमएसपी पर बाजरे की खरीद शुरू नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। किसानों का कहना है कि सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसान मजबूरी में निजी खरीदारों को कम भाव पर बाजरा बेच रहे हैं। किसान यूनियन के सदस्यों ने बताया कि 21 सितंबर को किसानों ने अनाज मंडी के गेट पर ताला लगाकर धरना दिया था। सूचना मिलने पर एसडीएम दलबीर सिंह और मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने किसानों को तीन दिन में एमएसपी पर बाजरे की खरीद शुरू कराने का आश्वासन दिया था। किसानों का आरोप है कि एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बावजूद खरीद शुरू नहीं हुई। किसान यूनियन प्रधान समय सिंह ने बताया कि पिछले साल निजी एजेंसी के माध्यम से करीब 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरे की खरीद हुई थी। सरकार की ओर से 500 रुपये भावांतर देने की बात कही गई थी, लेकिन कई किसानों को पूरी राशि नहीं मिली। इससे किसानों को करीब 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल तक का नुकसान उठाना पड़ा।