संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर के सनसिटी में पेयजल आपूर्ति नहीं होने के मामले में सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने पेयजल आपूर्ति के लिए एचएसवीपी (हुडा) को 90 दिन की मोहलत दी है। साथ ही शिकायतकर्ताओं को वाद खर्च के लिए 11 हजार रुपये अतिरिक्त देने का आदेश दिया है।
उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा एवं राजेंद्र प्रसाद ने अपने संयुक्त निर्णय में कहा है कि लगता है एचएसवीपी के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से विमुख हो गए हैं। उन्होंने समय पर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, जबकि पेयजल आपूर्ति के बिना सनसिटी में किसी भी परिवार का रह पाना संभव नहीं है। अपने आदेश में उपभोक्ता आयोग ने 90 दिन के अंदर पेयजल आपूर्ति के लिए एचएसवीपी को दिशानिर्देश जारी किए हैं। साथ ही शिकायतकर्ताओं को वाद खर्च के लिए 11 हजार रुपये अतिरिक्त देने का आदेश दिया है।
सनसिटी में 200 परिवार हैं जो 2011 से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। बाईपास पर एक निजी कंपनी ने सनसिटी स्थापित की है। इस टाउनशिप में पेयजल आपूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। केवल निजी कंपनी ने अपने स्तर पर पेयजल आपूर्ति कराई हुई है। भूजल की आपूर्ति की जा रही है जो पीने योग्य नहीं है।
सनसिटी निवासी विकास यादव, शांति देवी, राजेंद्र सिंह, आशा यादव, जितेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से अपने अधिवक्ता प्रशांत शर्मा के माध्यम से याचिका दायर किया था। इसमें कहा था कि ईडीसी चार्ज देने के बाद भी उन्हें टैंकर से पानी खरीदना पड़ रहा है। लोगों ने स्थायी पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर 15 अगस्त 2011 से विभागीय चक्कर लगाए लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद जिला उपभोक्ता आयोग में 15 जून 2023 को याचिका दायर की थी।
लोगों ने एचएसवीपी पर लगाए कई आरोप
याचिका में लोगों ने आरोप लगाया था कि पेयजल आपूर्ति के लिए उन्होंने कई बार आवेदन किया लेकिन एचएसवीपी ने पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था नहीं की। इसके अलावा निजी कंपनी की ओर से कहा गया कि 3.56 लाख रुपये 20 अक्तूबर 2011 को संबंधित विभाग के पास जमा कराए गए थे लेकिन विभाग ने पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं की है। लोगों ने कहा कि एचएसवीपी की तरफ से उपभोक्ता आयोग को बताया गया कि इस सेक्टर के साथ ही 6 व 7 नंबर सेक्टर में मास्टर वाटर सप्लाई की जा रही है। विभाग के उच्चाधिकारियों ने 2 नवंबर 2023 को पत्र लिखकर सनसिटी में पेयजल आपूर्ति की संस्तुति की थी।