संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा। दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर बिलासपुर चौक पर फ्लाईओवर निर्माण के कारण पैदा हो रही यातायात जाम की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने हाईवे की मरम्मत और चौड़ाई बढ़ाने का काम जल पूरा कराने का आश्वासन दिया है।
गांव खरखड़ा के सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश यादव ने 24 अगस्त को हाईवे की मरम्मत को लेकर पत्र भेजा था जिसके जवाब में एनएचएआई के गुरुग्राम स्थित प्रोजेक्ट इम्प्लिमेंटेशन यूनिट (पीआईयू) ने 10 सितंबर को प्रकाश यादव को पत्र के माध्यम से सूचित किया है कि बिलासपुर में फ्लाईओवर का निर्माण कार्य जयपुर प्रोजेक्ट इकाई के अंतर्गत आता है। फ्लाईओवर के निर्माण के कारण यातायात को वैकल्पिक मार्ग पर मोड़ा गया है, लेकिन लगातार बारिश के कारण वैकल्पिक मार्ग की स्थिति खराब हो गई है, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। एनएचएआई ने पत्र में स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को कम असुविधा हो, इसका प्रयास किया जा रहा है।
एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि बारिश की वजह से वैकल्पिक मार्ग पर ओवरले (सड़क की सतह को मजबूत करना) का काम फिलहाल शुरू नहीं किया जा सका है। वैकल्पिक मार्ग को यातायात योग्य बनाए रखने के लिए लगातार मरम्मत कार्य किया जा रहा है। सड़क के दोनों ओर के वैकल्पिक मार्गों को चौड़ा करने का कार्य भी प्रारंभ किया गया है ताकि वाहन चालकों को सुविधा मिल सके।
ट्रैफिक प्रबंधन के लिए गश्ती वाहन तैनात
एनएचएआई ने यह भी बताया कि ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए गश्ती वाहन तैनात किए गए हैं, जो पूरे मार्ग पर निगरानी रख रहे हैं। साथ ही एनएचएआई ने आश्वासन दिया कि अगर आगे बारिश नहीं होती है तो वैकल्पिक मार्ग की मजबूती और ओवरले का कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या में राहत मिल सकेगी।
रोजाना यहां से गुजरते हैं 80 से 90 हजार वाहन
औद्योगिक क्षेत्रों के आने-जाने वाले वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। दरअसल, बिलासपुर चौक ट्रैफिक और कनेक्टिविटी के हिसाब से महत्वपूर्ण जंक्शन के तौर पर पहचान रखता है। यहां से रोजाना करीब 80 से 90 हजार वाहन गुजरते हैं। धारूहेड़ा, रेवाड़ी, बावल, खुशखेड़ा, भिवाड़ी, टपूकड़ा, शाहजहांपुर, बहरोड़, नीमराना, जयपुर से औद्योगिक इलाकों से आने वाले वाहन इसी चौक से होकर पंजाब की तरफ बढ़ते हैं। यानी उक्त क्षेत्रों से आने वाले यातायात को पटौदी, झज्जर, रोहतक, हिसार, जींद के रास्ते पंजाब की तरफ यहीं से होकर जाना होता है।
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प्रयास है कि निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को कम असुविधा हो। अगर आगे बारिश नहीं होती है तो वैकल्पिक मार्ग की मजबूती का कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। ट्रैफिक जाम की समस्या में राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा।- योगेश तिलक, डीजीएम (टी) प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई।