रेवाड़ी। सर्दी की शुरुआत होते ही हादसों की संख्या लगभग दोगुना हो जाती है। इनका बड़ा कारण अंधेरे और कोहरे में डिवाइडरों, कटों और सड़क किनारे खड़े या धीमी गति से चलते वाहन का नजर नहीं आना है। सड़कों के डिवाइडरों और दौड़ते भारी वाहनों पर रिफ्लेक्टर और रेडियम टेप ना होना इसकी मुख्य वजह है। डंपरों का बुरा हाल है।
50 प्रतिशत डंपरों पर या तो रिफ्लेक्टर नहीं मिलेंगे, या फिर पहले लगी टेप लगभग उतर चुकी है। हर साल यह अभियान तब शुरू होता है जब हादसे बढ़ने शुरू हो जाते हैं। आधा दिसंबर बीतने को है, मगर अभी तक अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा पर विशेष कदम नहीं उठाए हैं। ट्रैफिक पुलिस सड़क सुरक्षा अभियान चलाती है, चालान भी करती है। बीएंडआर सड़कों पर डिवाइडरों के काम देखता है। आरटीए की मुख्य जिम्मेदारी वाहनों की है। लेकिन कई डिवाइडरों पर रिफ्लेक्टर नहीं हैं। बड़ी संख्या में हैवी व्हीकल बगैर रिफ्लेक्टर बेरोकटोक दौड़ रहे हैं। सर्दी सीजन शुरू हो चुका है, मगर न तो रिफ्लेक्टर (रेडियम) टेप ही चिपकाने का काम उतनी तेजी से किया गया और ना ही ऐसे वाहनों पर सख्ती की गई है।
बिना रिफ्लेक्टर नाईवाली पुल का डिवाइडर खतरनाक
कुतुबपुर की ओर से नाईवाली फ्लाईओवर पर चढ़ते हैं तो बीच में डिवाइडर बना हुआ है। यह डिवाइडर रोड से शुरू होकर स्लैब की तरह आगे ऊंचा बनाया गया है। इस पर न तो रेडियम टेप है और न कोई रिफ्लेक्टर। यहां कई वाहन डिवाइडर पर चढ़ चुके हैं। तीन वर्ष पहले एक रिफ्लेक्टर लगाया था, जो कब से टूटा हुआ है। यहां लगा पोल भी उखड़ चुका है। इसी तरह शहर के अंदर और भी सड़कों पर रिफ्लेक्टर की जरूरत है। अधिकारी अंधेरा होने पर शहर के दौरे पर निकलें तो पूरी स्थिति सामने होगी।
नवंबर में लग जाने थे, मगर अब तक रिफ्लेक्टर नहीं लगे
बगैर रिफ्लेक्टरों के ना होने के चलते डिवाइडरों पर वाहनों के चढ़ने और दूसरे वाहन से भिड़ंत के हर साल 50 से ज्यादा केस आते हैं। वाहन चलते समय उनके शीशों पर धुंध जमने से कम दिखाई देता है। कोहरा छाने से दृश्यता भी घट जाती है। ऐसे में सड़क किनारे बगैर रिफ्लेक्टर या रेडियम टेप लगे वाहनों से भिड़ने के मामले भी आते हैं। सोचने वाली बात है कि अधिकारी ये भी जानते हैं कि सर्दी के मौसम में रिफ्लेक्टरों की जरूरत हर साल ही पड़ती है। फिर भी दिसंबर आधा बीत गया, मगर अधिकारी अभी इन्हें लगवाने की सोच ही रहे हैं। आदेशों का इंतजार हो रहा है। वरना ये काम नवंबर माह में पूरा हो जाना चाहिए था।
दावा... लगाई जा रही है रिफ्लेक्टिव टेप
ट्रैफिक पुलिस ने दावा किया कि पुलिस द्वारा वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप भी लगाई जा रही है। जो धुंध व कोहरे के मौसम में कारगर साबित होती है। इसके साथ-2 पुलिस द्वारा सभी मुख्य सड़कों पर निरंतर गश्त करने के लिए पीसीआर लगाई गई। वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत लोगों को सड़क सुरक्षा बारे जागरुक कर वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगवाई जा रही है।
पुलिस ने जारी की एडवाइजरी...इन बातों का रखें ध्यान
उप पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक) संजीव बल्हारा ने कहा कि स्पीड का खास ध्यान रखते हुए धीमी गति से वाहन चलाएं। वाहन मालिक सुनिश्चित करें कि वाहनों की हेड लाइट, टेल लाइट, फॉग लाइट सहित इंडिकेटर, ब्रेक, टायर, विंडस्क्रीन वाइपर, बैटरी व कार हीटिंग सिस्टम सही तरीके से काम कर रहे हैं। धुंध के दौरान यात्रा करते समय वाहन चालक लो-बीम हेड लाइट का इस्तेमाल करें, क्योंकि धुंध के दौरान हाई-बीम हेड लाईट कारगर नहीं होती है। इंडिकेटरस को भी ऑन रखें, ताकि दूसरे वाहन को भी आपके वाहन का पता चल सके। यदि कोहरे के कारण दृश्यता न्यून हो जाती है तो ऐसी स्थिति में फॉग लाइट को उपयोग अवश्य करें। वाहनों के बीच उचित दूरी बनाए रखें। वाहन चालक सड़क पर पेंट की गई लाइन को गाइड के रूप में उपयोग करते हुए वाहन चलाएं।