रेवाड़ी के सेक्टर-3 स्थित राधा स्वामी कॉलोनी निवासी बालेश बतौर छात्र 2006 में ऑस्ट्रेलिया गया था, जहां उसने पढ़ाई के बाद कई बड़ी कंपनियों में डेटा विजुलाइजेशन सलाहकार के रूप में काम किया। 2018 में बालेश धनखड़ को गिरफ्तार किया गया था। सिडनी सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट यूनिट में पुलिस की छापेमारी में ड्रग्स और घड़ी रेडियो के रूप में एक वीडियो रिकॉर्डर भी बरामद किया गया था।
धनखड़ पर आरोप थे कि उसने 2017 में 5 कोरियाई महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर इंटरव्यू लेने के बहाने मिलने को बुलाया और फिर नशीली दवा देकर उनके साथ यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने अक्तूबर 2018 में जब धनखड़ के अपार्टमेंट पर छापा मारा था तो उसके पास महिलाओं से संबंध बनाने के दर्जनों ऐसे वीडियो मिले थे, जिन्हें छिपे हुए कैमरे से बनाया गया था। 2018 में पुलिस ने बालेश को गिरफ्तार कर लिया था।
यौन उत्पीड़न की वीडियो आई थी सामने
धनखड़ ने मुकदमा शुरू होते ही कोर्ट से सप्रेशन ऑर्डर ले लिया था, जिसके कारण उसके बारे में समाचार प्रकाशित करने पर प्रतिबंध लग गया। फिर 2023 में आई जब इस मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई और सप्रेशन ऑर्डर हटा लिया गया। तब यह बात सामने आई कि पुलिस ने धनखड़ पर 5 कोरियाई महिलाओं से बलात्कार के मामले में यौन उत्पीड़न के 39 आरोप लगाए थे।
धनखड़ ने अपना अपराध कबूल नहीं किया था। सिडनी की एक बहुत महंगी और प्रतिष्ठित वकील ने उसका मुकदमा लड़ा था। मुकदमे के दौरान धनखड़ के अपराधों की पूरी लिस्ट सामने आई। कई घंटों की ऐसी वीडियो फुटेज दिखाई गई, जिनमें धनखड़ को महिलाओं के साथ यौन संबंध बनाते देखा जा सकता था, जबकि कुछ महिलाएं बेहोश प्रतीत हो रही थीं।
इस तरह देता था वारदात को अंजाम
2023 में ही सरकारी वकील ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा था कि धनखड़ कोरियाई महिलाओं को ही शिकार बना रहा था। उसके पास से कोरियाई महिलाओं की कई अन्य सामग्रियां भी बरामद हुईं। वह स्थानीय सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स वेबसाइट गमट्री पर कोरियाई अनुवादक की नौकरी का विज्ञापन देता था। अर्जी देने वाली महिलाओं को सिडनी के एक आलीशान होटल में इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता था। फिर किसी बहाने से वह उन्हें अपने कमरे में ले जाता था और गलत काम करता था।