रेवाड़ी। जिले के सरकारी विद्यालयों में परोसे जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता की जांच होगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने निर्देश दिए हैं।
गुरुग्राम प्रयोगशाला की एक टीम मिड-डे मील की जांच करने के लिए आएगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट आने पर ही भोजन में पोषक तत्वों की मात्रा का पता लग सकेगा। खाने के नमूने की जांच रिपोर्ट के साथ दी गई राशि के उपयोग का प्रमाण पत्र बीईओ ऑफिस में जमा कराना होगा। जिले में कुल 638 मिड-डे मील केंद्र हैं।
कुंभावास स्थित सरकारी स्कूल की पीटीआई संतोष यादव ने बताया कि गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष मिड-डे मील में काफी कुछ सुधार किया गया है। इस बार बच्चों के लिए एक महीने का मेन्यू भी तैयार किया गया है, ताकि खाना बनाने वाले कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। खाने को सबसे पहले विद्यालय का स्टाफ चेक करता है। उसके बाद ही छात्र और छात्राओं को परोसा जाता है।
सरकारी विद्यालयों में पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ दोपहर का भोजन दिया जाता है। इसमें पुलाव काला चना, चना दाल, राजमा चावल, पूरी पकौड़ी चावल, हलवा, काला चला, पराठा, मीठी दलिया, सोया पुरी से लेकर फल और दूध शामिल है।
जिले में 638 मिड-डे मील केंद्र हैं। गुरुग्राम प्रयोगशाला को मिड-डे मील की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रयोगशाला की टीम जल्द ही भोजन के जांच के लिए आएगी।-अली अहमद, जिला प्रभारी मिड-डे मील