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त्याग और बलिदान के महानायक थे गुरु तेग बहादुर

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कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित करते संस्था के सदस्य। - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। हमारा परिवार संस्था के तत्वावधान में गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में कार्यक्रम ‘हिंद दी चादर-गुरु तेग बहादुर’ का आयोजन पंजाबी धर्मशाला में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व जिला प्रमुख सतीश यादव, पंजाबी बिरादरी के प्रधान प्रेमनाथ गेरा, पवित्रा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष प्रो. अनिरुद्ध यादव व संस्था के संयोजक दिनेश कपूर ने कहा कि जब औरंगजेब ने हिंदुओं को जबरन धर्मपरिवर्तन कराने लगा तो कश्मीरी पंडित इकट्ठे होकर गुरु तेगबहादुर के पास आये और उन्हें बचाने की प्रार्थना की। इस पर उन्होंने तुरंत ही औरंगजेब को संदेश भेजा कि यदि वह उनका धर्म परिवर्तन करा लेगा तो सभी कश्मीरी पंडित भी धर्म परिवर्तन कर लेंगे। इस पर औरंगजेब ने उन्हें दिल्ली बुलाया। उनके साथ भाई दयाला, भाई मतिदास व भाई सतिदास भी चले। भाई मतिदास व भाई सतिदास को रूई में लपेट कर जिंदा जला दिया। भाई दयाला को आरे से चिरवा दिया गया। गुरु तेगबहादुर शांत भाव से प्रभु का सुमिरन करते रहे। औरंगजेब ने आखिर उनका भी शीश काटने का आदेश दिया और वो धर्म की रक्षा की खातिर शहीद हो गये। आज उसी स्थान पर दिल्ली में गुरुद्वारा शीशगंज शोभायमान है। कार्यक्रम में ‘सत गुरु मैं तेरी पतंग-हवा विच उड़ती जावांगी’ भजन का तालियों के साथ आनंद लिया। कार्यक्रम में बॉडी बिल्डर प्रिंस ग्रोवर, एडवोकेट बाबूलाल, शिक्षाविद् बलबीर अग्रवाल, पूर्व प्रधान सरोज भारद्वाज को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। आये हुए अतिथियों को स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए। कार्यक्रम में मुख्यत: समाजसेवी, राजेंद्र गेरा, पुरुषोतम नंदवानी, रीटा गेरा, सोनिया कपूर, प्रीति, ओजस्वी, उपप्रधान प्रवीण गुप्ता, मास्टर देवेन्द्र गुमार, विजय चुघ, प्राचार्य राजेंद्र सिंह यादव, शिक्षाविद् मधु गुप्ता, सूर्या, राहुल, किशोरी नंदवानी, प्रकाश मेहता, लक्ष्मी नारायण अग्रवाल व साथियों ने सहयोग किया।
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