संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि रोजगारपरक शिक्षा आज के समय की जरूरत है ताकि शिक्षा पूरी करने उपरांत विद्यार्थियों को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिल सकें और युवा आत्मनिर्भर बन सकें। सरकार की ओर से लागू की गई नई शिक्षा नीति का ध्यान इस पर केन्द्रित है कि विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को इस तरह प्रशिक्षित करें कि उनको रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिल सकें।
राज्यपाल मंगलवार को इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर के द्वितीय दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यतिथि संबोधित कर रहे थे। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत से राज्यपाल का स्वागत किया। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जयप्रकाश यादव ने कुलाधिपति एवं राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय का स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर आधारित रिपोर्ट प्रस्तुत की।
राज्यपाल ने कहा कि मौजूदा परिदृश्य में नई शिक्षा नीति महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। नई शिक्षा नीति में शिक्षा प्रणाली को पुनर्गठित किया गया है। इसके लिए मौजूदा पाठ्यक्रमों और परम्परागत नीतियों में बदलाव और विद्यार्थियों में क्रिटिकल थिंकिंग और समस्याओं को सुलझाने वाले कौशल का विकास करना शामिल है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है जिस भी युवा के पास कौशल और निपुणता होगी उसके जीवन में बेरोजगारी आड़े नहीं आएगी। विद्यालय, महाविद्यालय व विश्वविद्यालय कौशल विकास पर फोकस रखते हुए विद्यार्थियों को पढ़ाएं। पाठ्यक्रम में नवाचार को शामिल करें।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति स्वागत योग्य कदम
राज्यपाल ने कहा कि भारत के शिक्षा तंत्र की लंबे समय से यह कहकर आलोचना की जाती रही है कि यहां की शिक्षा महज रटने की प्रणाली पर आधारित है। इसका पाठ्यक्रम आउटडेटेड है और इसमें शोध व नवाचार के ज्यादा अवसर नहीं हैं। इस पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय शिक्षा नीति एक स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में डिजिटल शिक्षा व कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। सरकार ने डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी ई-ग्रंथ कोष का शुभारंभ किया है। इसमें उपयोगकर्ता के लिए मुफ्त ई-संसाधनों जैसे लगभग 6 करोड़ ई-बुक्स, 3 लाख वीडियो और ऑडियो, 10 लाख पत्रिकाएं, 23 हजार पाठ्यक्रम सामग्री, 6 हजार ई-पत्रिकाएं और 55 ई-समाचार-पत्र एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाए गए हैं। एक अनुमान के अनुसार 2030 तक इस क्षेत्र में 5 करोड़ अतिरिक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
नए बजट में उच्चतर शिक्षा के लिए आवंटित किए 20 हजार 250 करोड़ रुपये
राज्यपाल ने कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हरियाणा के विश्वविद्यालयों में उद्योगों की जरूरतों के अनुसार उद्यमों और विश्वविद्यालय की आपसी साझेदारी के साथ विद्यार्थियों को ऑन जॉब ट्रेनिंग के अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। आज के दौर में हमें इसी प्रशिक्षण की सबसे अधिक आवश्यकता है। आज भी हमारे समाज की सोच बेटियों को लेकर विडम्बनापूर्ण एवं विसंगतिपूर्ण है। बेटी को न पढ़ाना, उन्हें जन्म से पहले मारना, घरेलू हिंसा, दहेज को लेकर बेटियों पर अत्याचार करना हमारे समाज पर कलंक है। हमें यह समझना जरूरी है कि बेटियां बोझ नहीं होती, बल्कि आपके परिवार, समाज एवं राष्ट्र का एक अहम हिस्सा होती हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का संदेश पढ़कर सुनाया गया। राज्यपाल ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय की स्मारिका का विमोचन भी किया।
इन्हें दी गई डिग्री
दीक्षांत समारोह में 80 पीएचडी, 8 एमफिल, 12 संकायों के चौबीस विभागों के 710 स्नातक व स्नातकोत्तर विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को डिग्री प्रदान की गई तथा 212 विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट अकादमिक उपलब्धियों के लिए पदक एवं पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के 148 विद्यार्थियों में नेट की परीक्षा और 83 विद्यार्थियों ने जेआरएफ की परीक्षा पास की है।
ये रहे मौजूद
दीक्षांत समारोह में हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव, विधायक कोसली लक्ष्मण सिंह यादव, विधायक अटेली सीताराम यादव, कुलसचिव प्रो. प्रमोद शर्मा, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष वीपी यादव, एडीजीपी एम.रविकिरण, डीसी मोहम्मद इमरान रजा, एसपी दीपक सहारन सहित अन्य मौजूद रहे।
एमए टॉपर छात्रा स्नेहलता को गोल्ड मेडल
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर से राजनीतिक विज्ञान संकाय में एमए टॉपर रही गांव बलवाड़ी निवासी छात्रा कुमारी स्नेहलता को राज्यपाल ने गोल्ड मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। स्नेहलता ने 2018 के बैच में एमए राजनीतिक विज्ञान में टॉप किया था। स्नेहलता की मां सेवती देवी व पिता जगदीश प्रसाद ने बताया कि उनकी बेटी ने शुरू से ही शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसके लिए उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है।