रेवाड़ी। इस समय बाजरे की कटाई व कढ़ाई जोरों पर चल रही है। जिन किसानों ने बाजरे की कढ़ाई का कार्य पूरा कर लिया है। वे किसान अनाज बेचने के लिए अनाज मंडियों का रुख कर चुके हैं। सरकारी की तरफ से अभी तक बाजरे की सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई है। इसके चलते किसानों को औने-पौने दामों पर व्यापारियों को ही अपना बाजरा बेचना पड़ रहा है। बाजरे की आवक मंडियों में शुरू हो चुकी है। रेवाड़ी की अनाज मंडी में अब तक करीब 35 हजार बैग बाजरे की खरीद हो चुकी है।
वैसे तो एक अक्तूबर से अनाज मंडी में बाजरा की सरकारी खरीद शुरू होनी है। इस बार जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार 2350 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में किसानों से बाजरा की खरीद करनी है। किसानों के बाजरे की अनाज मंडी में खुली बोली लगाकर 1900 से 1940 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में खरीदा जा रहा है। इससे किसानों को प्रति क्विंटल बाजरा पर 400 से 450 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- बाजरे की गुणवत्ता अच्छी
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के हिसाब से जिले में करीब 75 हजार हेक्टेयर भूमि में बाजरे की फसल किसानों की ओर से बोई गई है। इस बार बाजरे की कटाई व कढ़ाई के समय बारिश न होने के कारण बाजरे की चमक व गुणवत्ता भी अच्छी आ रही है। इस समय किसानों ने बाजरे की फसल की कटाई व कढ़ाई का कार्य भी शुरू कर दिया है। इस क्षेत्र में नवंबर तक बाजरे की आवक मंडियों में होती है।
खाद्य आपूर्ति विभाग के अनुसार जिले में फिलहाल केवल खरीद केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें रेवाड़ी, बावल व कोसली शामिल हैं। इनमें कौन सी सरकारी एजेंसी बाजरे की खरीद करेगी इसके लिए एजेंसी निर्धारित नहीं हुई हैं। सितंबर के तीसरे सप्ताह तक यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
अनाज मंडी में लगी बड़ी संख्या में बाजरे की ढेरियां
शहर की अनाज मंडी में बाजरा व कपास की आवक तेज हो गई है। किसानों की बाजरे की ढेरियों पर आढ़तियों व व्यापारियों की ओर से खुली बोली लगाई जा रही है। सुबह व शाम के समय बोली निरंतर रूप से की जा रही है। ढेरियों व किसानों के वाहनों के कारण मंडी में जाम की स्थिति बनने लगी है।
- वर्जन
फिलहाल किसानों ने बाजरे की कटाई व कढ़ाई का कार्य शुरू किया है। मंडी में जो बाजरा आ रहा है, वह राजस्थान के किसानों का भी हो सकता है।
- दीपक यादव, एसडीओ, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, रेवाड़ी।
वर्जन
पिछले वर्षों की तरह इस बार भी एक अक्तूबर से बाजरे की सरकारी खरीद शुरू होने की उम्मीद है। अभी यह तय नहीं हुआ है कि कौन सी एजेंसी कहां पर खरीद करेंगी।
- अशोक रावत, डीएफएससी, रेवाड़ी।