रेवाड़ी। खाद्य आपूर्ति विभाग की नीति के अनुसार जिन डिपोधारकों की आयु 60 वर्ष से अधिक है, उनके लाइसेंस का 31 मार्च के बाद स्वतः ही निरस्त हो जाएंगे। जिले में ऐसे डिपो होल्डरों की संख्या करीब 25 है। हालांकि सरकार की इस पालिसी से डिपो संचालकों में रोष है। अगर डिपो का लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होता है तो अप्रैल में उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ने की संभावना है।
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय की तरफ से 31 मार्च के बाद ऐसे डिपो को नजदीक डिपो होल्डरों के साथ अस्थायी रूप से अटैच करने की बात कही जा रही है। दूसरी तरफ डिपो होल्डरों की तरफ से न्यायालय में इसको लेकर याचिका डाली हुई है। इस पर 18 मार्च को सुनवाई होनी है। लेकिन अस्थायी रूप से कुछ डिपो अटैच कर दिए तो उन पर दबाव बढ़ना स्वभाविक है। इसके बाद की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। रेवाड़ी जिले में सवा लाख के करीब बीपीएल व एएवाई कार्ड धारक हर डिपो माह राशन लेते है। इन्हें 233 डिपो के माध्यम से राशन वितरण किया जाता है।
डिपो खाली होने पर अप्रैल से नए लोगों को मिलेगा मौका
हरियाणा सरकार ने डिपोधारकों के लिए नई पालिसी बनाई थी। इसके तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले डिपोधारकों के राशन डिपो लाइसेंस का 31 मार्च के बाद नवीनीकरण नहीं होगा। इन डिपोधारकों को अप्रैल से किसी भी प्रकार का राशन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। ऐसे राशन डिपो का लाइसेंस पीडीएस कंट्रोल आर्डर 2022 में जारी हिदायतों के अनुसार रद्द माने जाएंगे। वह डिपो खाली होने पर अप्रैल से नए लोगों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसके लिए आवेदन करने वाले आवेदक के पास 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए ।
कोर्ट के फैसले पर टिकीं निगाहें
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 31 मार्च से 60 वर्ष से अधिक के डिपो धारकों को लाइसेंस नहीं मिलेगा। यह बात जरूर है। कोर्ट अगर कोई बीच में फैसला सुना देती है तो उसके बाद आगे किस प्रकार से कार्य किया जाएगा। अगर किसी प्रकार का आदेश नहीं आता तो 31 मार्च के बाद लाइसेंस 60 वर्ष से अधिक डिपो धारकों का रद्द माना जाएगा।
वर्जन
जिन डिपो होल्डरों की आयु 60 वर्ष है। वह राशन डिपो 31 मार्च बाद पीडीएस कंट्रोल आर्डर 2022 में जारी हिदायतों के अनुसार स्वत: ही रद्द माने जाएंगे।- जय यादव, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक रेवाड़ी।