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Rewari News: सरकारी में निशुल्क, निजी लैब व अस्पतालों में डेंगू टेस्ट का रेट 600 रुपये निर्धारित

Thu, 07 Sep 2023 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी। जहां एक तरफ डेंगू के डंक से जिले में भय बना है। वहीं एलाइजा टेस्ट करने वाली लैब संचालक भी चांदी कूट रहे हैं। लैब संचालक अपनी मनमर्जी के हिसाब से एलाइजा टेस्ट की फीस वसूल रहे हैं, लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट लैब संचालकों के लिए एलाइजा टेस्ट की फीस निर्धारित की है। वहीं सरकारी अस्पतालों में इसका टेस्ट निशुल्क होगा। बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र यादव ने अपने कार्यालय में जिले के सभी प्राइवेट लैब संचालकों के साथ बैठक की है। इसमें एलाइजा टेस्ट की जांच फीस 600 रुपये निर्धारित की है।
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उन्होंने निजी अस्पताल संचालकों को लैबोरेटरी के बाहर एलाइजा टेस्ट की कीमत लिस्ट लगाने के निर्देश भी दिए हैं। अगर कोई निजी अस्पताल संचालक इससे ज्यादा का चार्ज करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से डेंगू व मलेरिया को फैलने से रोकने के व्यापक प्रबंध किए हैं। यदि कोई केस मिलता है तो उसके लिए भी विभाग की तरफ से पूरी तैयारियां की गई है। डेंगू का टेस्ट केवल एलाइजा किट से होना ही मान्य होगा। यदि कहीं पर भी एलाइजा किट के अलावा अलग तरीके से टेस्ट होता पाया गया तो वह अवैध माना जाएगा। इसको लेकर कार्रवाई की जाएगी।
एलाइजा से संबंधित पूरा रिकॉर्ड रखना होगा
सिविल सर्जन ने बताया कि प्राइवेट लैब, अस्पताल व क्लीनिक संचालकों को एलाइजा से संबंधित पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर 24 घंटे के अंदर अंदर सिविल अस्पताल में रिपोर्ट करनी होगी, ताकि मरीज का इलाज समय से हो सके। इसको लेकर लगातार स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग टीमें ऑडिट करेंगी। यदि किसी भी प्राइवेट लैब, अस्पताल व क्लीनिक संचालकों के रिकाॅर्ड में अनियमितता पाई गई तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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जिले में रेवाड़ी शहर बना हॉट-स्पॉट
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में बुधवार को 15 नए डेंगू के केस मिले हैं। इसके साथ ही जिले का आंकड़ा दोहरा शतक पार कर चुका है। अब तक कुल 203 डेंगू के मरीज मिले हैं। इनमें से 111 मरीज अकेले रेवाड़ी शहर से, बावल में 33, मीरपुर में 28, गुरावड़ा में 15, खोल में 11 व नाहड़ में 05 मरीज मिले हैं। अब तक मिले मरीजों में से कुल 142 मरीजों ने ओपीडी से उपचार लिया। वहीं 32 मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा, इनमें से सभी 29 मरीज ठीक हो चुके हैं। जिला अस्पताल की लैब में अभी तक 2434 लोगों के सैंपल लिए गए हैं और डेंगू की जांच की गई है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा एक्टिविटी के तहत डोर-टू-डोर जाकर जल स्रोत की जांच करता है। जहां कहीं भी लार्वा मिलता है तो उसे तुरंत नष्ट करके संबंधित घर के मालिक को नोटिस भी थमाया जाता है। साथ ही लोगों के साथ बैठक करके मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूक किया जाता है।
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डेंगू व मलेरिया से घबराने की जरूरत नहीं है। बस केवल सजगता से अपने आसपास के वातावरण में इन बीमारियों के पनपने से रोकना है। डेंगू का टेस्ट केवल एलाइजा किट से ही मान्य होगा।
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- डॉ सुरेंद्र यादव, सिविल सर्जन, रेवाड़ी
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