सोनीपत। अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश डॉ.नरिंद्र कौर ने बैंक कैशियर को गोली मारकर 70 लाख रुपये लूटने की कोशिश करने के दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषियों को चार-चार साल कैद की सजा सुनाई है। एक दोषी पर 25 हजार और दूसरे को 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने मामले में छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया।
दिल्ली रोड स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कैशियर सुरेंद्र सिंह मलिक ने 27 अक्तूबर 2017 को सदर थाना पुलिस को बताया था कि वह सिक्योरिटी गार्ड साहब सिंह के साथ कार से पानीपत शाखा में जा रहे थे। उन्हें गन्नौर से होते हुए जाना था। जब वह दोनों देवडू रोड पर पहुंचे थे तो कार सवार बदमाशों ने उनकी कार को रुकवाने की कोशिश की थी। कार नहीं रोकने पर बदमाशों ने कार को टक्कर मारकर रुकवा दिया था। इसके बाद बैंककर्मी से 70 लाख रुपये लूटने की कोशिश की थी।
उन्होंने बदमाशों का विरोध किया था तो उसे गोली मारकर नकदी छीनने की कोशिश की थी। इसी बीच कार में सवार सिक्योरिटी गार्ड ने बदमाशों पर फायर कर दिया था। इसके बाद बदमाश घबरा कर भाग गए थे। पुलिस ने लूट के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रोहतक के गांव डोभ निवासी अमित उर्फ मीता और सोनीपत के गांव रुखी के सुखदेव समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
मामले में सुनवाई के बाद मंगलवार को एएसजे डॉ.नरिंद्र कौर ने अमित उर्फ मीता व सुखदेव को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी सुखदेव को लूट के प्रयास, जानलेवा हमला करने व अवैध शस्त्र अधिनियम में चार साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना किया है। वहीं अमित को लूट के प्रयास, जानलेवा हमला करने के मामले में चार साल कैद व 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।