संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर के निवासी सराफा कारोबारी जय सिंह की भिवाड़ी में 23 अगस्त को गोलीमार कर की गई हत्या के मामले में अभी चार आरोपी पकड़े नहीं जा सके हैं।
भिवाड़ी में सराफा की दुकान में लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने गोली मारकर जय सिंह की हत्या कर दी थी। वारदात की योजना बनाने वाला टिंकू उर्फ राहुल राठी और पिंटू अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। हरियाणा में दोनों बदमाशों पर अलग-अलग आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। पिंटू शराब तस्करी से जुड़ा था, जबकि टिंकू पर सांपला थाने के एक सिपाही की गोली मारकर हत्या का मामला दर्ज है। टिंकू करीब पांच वर्ष तक जेल में रहा और वर्तमान में वह पैरोल पर बाहर आया था। वारदात को अंजाम देने वाले अजय कादयान और अतुल राठी भी फरार चल रहे हैं। इन दोनों ने ही सराफा कारोबारी के शोरूम में वारदात को अंजाम देने के बाद भागते समय फायर किया था और गोली लगने से जय सिंह की मौत हो गई थी। जयसिंह के भाई मधुसूदन ने अजय कादयान को पकड़ भी लिया था लेकिन अजय कादयान ने मधुसूदन के हाथ में गोली मार दी थी। इसके बाद दोनों फरार हो गए थे। पुलिस अभी टिंकू उर्फ राहुल राठी और पिंटू गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
तीन आरोपी भेजे गए जेल
जय सिंह हत्याकांड के तीन आरोपियों को पुलिस ने रिमांड पर लिया था। कस्टडी पूरी होने के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया। पुलिस ने प्रीत और अजय उर्फ गोलू को पांच दिन के लिए और अनिल को सात दिन के लिए रिमांड पर लिया था। कोर्ट ने 12 अगस्त को अजय उर्फ गोलू की पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने पर उसे जेल भेज दिया है। तीनों आरोपियों को इतने दिन तक रिमांड पर रखने के बाद भी पुलिस वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार को बरामद नहीं कर पाई है।
नकाब हटने से पहचाना गया था आरोपी प्रीत
वारदात के समय आरोपी प्रीत उर्फ गोलू का नकाब हट गया था। सोशल मीडिया पर वायरल फोटो में वह पहचान लिया गया था। दबाव में आकर उसने दिल्ली पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया था। आरोपी अजय उर्फ गोलू को दिल्ली नॉर्थ रेंज की स्पेशल टीम ने पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था, जबकि अनिल को जयपुर ग्रामीण पुलिस की टीम ने हांसी से गिरफ्तार किया था। भिवाड़ी पुलिस अब तक एक भी आरोपी को पकड़ नहीं पाई है।