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भांडोर व ढाणी भांडोर के लोगों के लिए जी का जंजाल बना जल निकासी और जर्जर मार्ग

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गांव भांडोर में जोहड़ के पास फैली गंदगी और थोपे गए उपले। संवाद - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। जिले के गांव भांडोर व ढाणी भांडोर की एक पंचायत है। इसमें 1500 से अधिक मतदाता हैं। पंचायत के चुनावों के लिए हलचल तेज हो गई है, लेकिन इस बार ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि गांव की समस्याओं को हल कराने वाले प्रत्याशी को ही गांव के सरपंच की कमान सौंपेंगे। यहां जल निकासी और जर्जर मार्ग ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। इन समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीणों की ओर से कई बार संबंधित अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन हालात ज्यों के त्यों बने हुए है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण दूषित पानी गलियों में फैल रहता है। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा जोहड़ में गंदे पानी के कारण से मक्खी-मच्छर पनप रहे हैं, जो बीमारी फैलने का कारण बन रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि ढाणी भांडोर में आंगनबाड़ी केंद्र बनना था, जो अब तक नहीं बन पाई है। गांव राजियाकी से जोड़ने वाला मुख्य रास्ता करीब 10 लाख रुपये की लागत से बनना था, वह भी अधूरा पड़ा है।
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क्या कहते हैं ग्रामीण
गांव के जोहड़ में हमेशा गंदा पानी भरा रहता है। बारिश के समय में जोहड़ ओवरफ्लो हो जाता है, जिससे गंदा पानी बाहर रास्ते में आ जाता है। कई बार शिकायत देने के बाद भी कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
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- सतबीर, ग्रामीण
गांव की सबसे मुख्य समस्या नालियों की सफाई के साथ जल निकासी नहीं होना है। इन समस्याओं का समाधान होना चाहिए, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है। कई घरों में गंदा पानी घुस जाता है। अब नई पंचायत से समस्या खत्म होने की उम्मीद बनी हुई है। इस बार उसी प्रत्याशी को वोट देंगे, जो इन सभी समस्याओं का समाधान कराएगा।
- कृष्ण कुमार, ग्रामीण
ढाणी भांडोर में आंगनबाड़ी केंद्र बनना था, लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। गांव में गंदे पानी के अलावा अवैध कब्जा की भी समस्या है। जो प्रत्याशी इन समस्याओं से निजात दिलाएगा, उसी को मतदान करेंगे।
- विक्रम, ग्रामीण
गांव में कई विकास कार्य करवाए गए हैं, फिर भी कुछ मुख्य समस्या रह गई हैं। अब नई पंचायत के गठन होने के बाद उम्मीद है कि बची हुई समस्या से निजात मिलेगी। जो प्रत्याशी समस्याओं को प्रमुखता से निदान कराएगा, उसे ही वोट दिया जाएगा।
- दिनेश कुमार, ग्रामीण
गांव में पीने का पानी की व्यवस्था के साथ गलियों व नालियों का पक्का निर्माण करवाया था। मैंने अपने कार्यकाल में बिना भेदभाव के भांडोर व ढाणी भांडोर दोनों गांव में विकास कार्य करवाए हैं। ढाणी भांडोर में आंगनबाड़ी और राजियाकी को जाने वाला मुख्य रास्ते का निर्माण अधूरा रह गया है।
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-ओमप्रकाश, निवर्तमान सरपंच
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