रेवाड़ी। धारूहेड़ा के समीप दिल्ली-जयपुर हाईवे एनएच-48 पर बिलासपुर में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया फ्लाईओवर बनाने की तैयारियों में जुट चुका है। इस पर करीब 30 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होने का अनुमान है। इससे हाईवे पर लोगों को बिलासपुर चौक पर जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। अभी हालात ऐसे हैं कि यहां आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के आने-जाने वाले वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। दरअसल, बिलासपुर चौक ट्रैफिक और कनेक्टिविटी के हिसाब से महत्वपूर्ण जंक्शन के तौर पर पहचान रखता है। यहां से रोजाना करीब 80 से 90 हजार वाहन गुजरते हैं। धारूहेड़ा, रेवाड़ी, बावल, खुशखेड़ा, भिवाड़ी, टपूकड़ा, शाहजहांपुर, बहरोड़, नीमराना, जयपुर से औद्योगिक क्षेत्रों से आने वाले वाहन इसी चौक से होकर पंजाब की ओर बढ़ते हैं। यानी उक्त क्षेत्रों से आने वाले यातायात को पटौदी, झज्जर, रोहतक, हिसार, जींद के रास्ते पंजाब की ओर यहीं से होकर जाना होता है। दूसरी ओर पटौदी से तावडू जाने वाले वाहनों को भी हाइवे पार करने में फ्लाईओवर बनने के बाद काफी सहजता हो जाएगी।
राजस्थान, उत्तरप्रदेश और पंजाब को जोड़ते है यह चौक
दूसरी ओर मथुरा, मेरठ, कानपुर, आगरा, गुरुग्राम, दिल्ली, फरीदाबाद, पलवल से आने वाला यातायात भी जयपुर, झज्जर, रोहतक, हिसार, जींद और पंजाब की ओर यहां से जाता है। दिल्ली से जयपुर हाईवे पर स्थित यह चौक, हरियाणा के साथ राजस्थान के अलावा उत्तरप्रदेश और पंजाब के यातायात को देश के दूसरे शहरों से जोड़ने का मुख्य जंक्शन के तौर पर काम करता है।
नवंबर-दिसंबर तक कार्य पूरा करने का रखा लक्ष्य
एनएचएआई ने इस काम को नवंबर-दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य लिया है। यह थी स्पैन फ्लाईओवर होगा। फ्लाईओवर की कुल लंबाई 650 मीटर होगी। इसे तीन स्पैन में बनाया जाएगा। इससे किसी भी ओर से आने वाला यातायात बिना रूके आराम से अपने गंतव्य की ओर निकल सकेगा। दोनों ओर सात-सात मीटर का बेस बनाया जाएगा। पहला स्पैन 20 मीटर, दूसरा और मुख्य स्पैन 30 तथा तीसरा स्पैन भी 20 मीटर का होगा। सरफेस के लिए सात-सात मीटर चौड़ी सर्विस लेन बनाई जाएगी। पूरा फ्लाईओवर यह सिंगल पिलर पर बनाया जाएगा।
फ्लाईओवर का काम जुलाई में और पकड़ेगा रफ्तार
मौजूदा समय में बावल, बहरोड़, शाहपुरा, कोटपूतली में बनाए जा रहे फ्लाईओवर का काम करीब 50 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। जुलाई तक इस काम को पूरा करने का लक्ष्य लिया गया है। यहां काम पूरा होने के बाद कंपनी के सभी संसाधनों का उपयोग बिलासपुर में किया जाएगा। अभी इन शहरों में हाइवे पर निर्माण का काम चलने के कारण जाम की भीषण समस्या से लोग जूझ रहे हैं। जिससे आने वाले 3-4 माह में पूरी तरह राहत मिलने के आसार हैं। यानी काम तो बिलासपुर फ्लाईओवर का शुरू हो जाएगा, मगर निर्माण में तेजी जुलाई के बाद आएगी।
ट्रांसपोर्ट को होगा सबसे ज्यादा फायदा
फ्लाईओवर बनने से ट्रांसपोर्ट को सबसे ज्यादा फायदा होगा। ट्रांसपोर्टर राजेश, रामपाल ने बताया कि कई बार यहां जाम इतना ज्यादा लग जाता है कि गुजरने में भी घंटों लग जाते हैं। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्र के जिन वाहनों को अपने समय पर पहुंचना होता है वह लेट हो जाते हैं। कई बार तो समय पर सामान पहुंच भी नहीं पाता है। ऐसे में उद्योगों को काफी नुकसान पहुंचता है। फ्लाईओवर बनने के बाद आसपास स्थित सभी औद्योगिक क्षेत्रों को इन समस्याओं से राहत मिलेगी।
बिलासपुर चौक पर फ्लाईओवर बनाने का कार्य शुरू करने के लिए तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। फ्लाईओवर बनने के बाद ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी।
योगेश पाठक, पीआईयू मैनेजर, एनएचएआई