रेवाड़ी। जिले में डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वीरवार को 67 लोगों के सैंपल लिए गए, जिनमें डेंगू के पांच केस मिले हैं। अब डेंगू पॉजिटिव की संख्या 283 पर पहुंच गई है। वहीं विभाग की ओर से अभी तक कुल 3351 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। अभी तक डेंगू के 09 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। हालांकि 69 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी भी दी जा चुकी है। डेंगू व मलेरिया के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। टीम घर व उनके आसपास भरे पानी में मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। लार्वा मिलने पर टीम ने अभी तक 4680 लोगों को नोटिस भी दिए हैं। साथ ही लोगों को भी चेताया जा रहा है कि वह घरों के बाहर और अंदर पानी जमा ना होने दें। क्योंकि डेंगू मच्छर साफ पानी में ही पनपता है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अभी तक रेवाड़ी शहर में सर्वाधिक 154 केस मिले हैं। इसके अलावा सीएचसी बावल में 44, सीएचसी मीरपुर में 35, सीएचसी गुरावड़ा में 24, सीएचसी खोल में 17 और सीएचसी नाहड़ क्षेत्र में 09 मामले मिल चुके हैं।
डेंगू के लक्षण
1. अचानक तेज बुखार
2. सिर में आगे की और तेज दर्द
3. आंखों के पीछे दर्द और आंखों के हिलने से दर्द में और तेजी
4. मांसपेशियों (बदन) व जोड़ों में दर्द।
5. पेट में तेज दर्द।
6. काले रंग का मल आना।
7. मसूड़ों, त्वचा व नाक से खून रिसना।
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डेंगू से बचाव के उपाय
1. छोटे डिब्बों और ऐसे स्थानों से पानी निकाले जहां पानी बराबर भरा रहता है।
2. कूलरों का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदले।
3. घर में कीटनाशक दवाएं छिड़के।
4. बच्चों को ऐसे कपड़े पहनाए, जिससे उनके हाथ-पैर पूरी तरह से ढके रहें।
5. सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
वर्जन:
जिले में डेंगू और मलेरिया के कई मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जहां मामले आ रहे हैं, वहां फॉगिंग कराई जा रही है। टीमें लगातार घर-घर जाकर कूलर, पानी की टंकी, हौदी, गमले, फ्रिज की ट्रे, टायर, छत को चेक कर रहे हैं। विभाग की ओर से लोगों को साफ-सफाई करने और पानी ठहराव नहीं होने देने की सलाह दी जा रही है।
- डॉ. अमित यादव, डिप्टी सिविल सर्जन एवं मलेरिया नोडल अधिकारी, रेवाड़ी