संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित पाल्हावास गांव निवासी एक मजदूर के पैन कार्ड का दुरुपयोग करते हुए कुछ लोगों ने उसके नाम पर एक फर्म बना दी। इस फर्म के माध्यम से करोड़ों का लेन-देन हुआ है। कुछ दिन पहले जब मजदूर को आईटीआर की जरूरत पड़ी तो वह उसे भरवाने के लिए गया। इस दौरान पता चला कि उसके नाम पर गाजियाबाद में एक फर्म पंजीकृत है। जबकि उसका इस फर्म से कोई लेना-देना नहीं है। पीड़ित की शिकायत पर कसौला थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिले के गांव साल्हावास निवासी गिर्राज ने बताया कि वह मेहनत मजदूरी करता है। बीते दिन वह अपनी आईटीआर भरवाने के लिए गया था। सीए ने जब उसके पैन कार्ड से संबंधित डिटेल निकाली तो पता चला कि उसके पैन कार्ड के जरिए फर्जी आईडी लगाकर गाजियाबाद के सेक्टर-14 में गिर्राज इंटरप्राइजेज नाम का फर्म पंजीकृत है। इस फर्म का करोड़ों रुपये का टर्न ओवर है। हर माह इसी फर्म के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन भी हुआ है। इसके साथ ही फर्जी तरीके से जीएसटी भी भरी गई है। फर्म से संबंधित सारी जानकारी जुटाने के बाद गिर्राज ने रेवाड़ी एसपी और कसौला थाना पुलिस से शिकायत की। बताया कि उसके पैन कार्ड का गलत तरीके से इस्तेमाल कर उसके नाम पर ये फर्म बनाई गई है, जिसका करोड़ों रुपये का टर्न ओवर है। पीड़ित ने इस फर्म के खिलाफ केस दर्ज करने का आग्रह किया। एसपी के आदेश पर कसौला थाना पुलिस ने गिर्राज की शिकायत पर फर्जी तरीके से फर्म बनाने वाले आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।