संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। पीथड़ावास गांव में बीती रात घर में सो रहे पिता-पुत्र की संदिग्ध हाल में मौत हो गई। परिजनों ने सर्पदंश से मौत की आशंका जताई है। इस घटना से परिवार में मातम छाया है।
गांव पीथड़ावास निवासी रामचंद्र (44) और उसका बेटा सुखपाल (13) बीती रात खाना खाकर अपने कमरे में सो रहे थे। रामचंद्र की पत्नी और बेटी दूसरे कमरे में थी। शुक्रवार तड़के 3 बजे शोर-शराबा होने लगा। रामचंद्र की बेटी जब कमरे में पहुंची तो उसे एक सांप जैसा जंतु नजर आया। इसकी जानकारी उसने परिवार के सदस्यों को दी। जब तक लोग पहुंचे, तब तक वहां से जंतु भाग गया था। इसके बाद रामचंद्र व सुखपाल को अस्पताल पहुंचाया गया जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया। सुखपाल सातवीं कक्षा का छात्र था। रामचंद्र मजदूरी करता था।
रामपुरा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि पिता-पुत्र की मौत जहरीले जीव के काटने से होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने दोनों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों पता चल पाएगा।
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सर्पदंश के बाद तत्काल इलाज जरूरी
जिला अस्पताल के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि सपदंर्श के बाद तत्काल इलाज कराना चाहिए। झाड़फूंक के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। जिला अस्पताल में एंटी वेनम वैक्सीन उपलब्ध है। अस्पताल में ब्लड की एक जांच से यह भी पता लगा लिया जाता है कि जहरीले सांप ने काटा है या सामान्य ने। अगर किसी को सांप ने डसा है तो उसे हिलने-डुलने या चलने-फिरने न दें। क्योंकि वह अंग जितना मूवमेंट करेगा, जहर उतना ही फैलेगा।