रेवाड़ी। भारतीय किसान यूनियन चढूनी की ओर से शहर की नई अनाज मंडी स्थित किसान भवन में मुस्तरका मालिकान जमीन मामले में विचार-विमर्श को लेकर सभा का आयोजन किया गया। सभा में यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की।
चढूनी ने कहा कि मुस्तरका मालिकान जमीन पर किसानों का हक है। किसी भी सूरत में किसानों की जमीन पर सरकार को कब्जा नहीं लेने दिया जाएगा। प्रदेश में किसानों के खातों से छूटी लाखों एकड़ जमीन है। हर गांव में कई-कई एकड़ जमीन खाली है, जो सरकार को जा रही है। 60 वर्ष से अधिक का समय हो गया है, उस पर किसान खेती करते आ रहे हैं। कुछ किसानों ने जमीन को बेच दिया है तो कुछ ने जमीनों को अपने नाम करा लिया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दो वर्ष से सरकार भूमि बैंक बना रही है। सरकार किसानों की इन जमीनों को लेकर बड़ी कंपनियों को लीज पर देगी। इस तरह से कंपनियों की खेती में एंट्री हो जाएगी और किसान को पांच-10 एकड़ में ही अपनी खेती करनी पड़ेगी। इससे छोटे किसान बर्बाद हो जाएंगे। सरकार ने गैर मालकियत की जमीनों को अपने अधीन में लेने के लिए लैंड बैंक के जरिये कार्रवाई तेज कर दी है। गांव में मुस्तरका खाता, पट्टी खाता जैसी करीब आठ तरह की ऐसी भूमि है, जिसका मालिकाना हक किसी के पास नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि मुस्तरका मालिकान जमीन पर हक किसानों को ही मिले। इसको लेकर 25 जुलाई को प्रदेशभर में तहसील स्तर पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे। इस अवसर पर दिनेश राजेंद्र ठेकेदार ने भी संबोधित किया। इस मौके पर जिला प्रधान समय सिंह, उपप्रधान ईश्वर महलावत, डा. रोहतास, महिला प्रधान लक्ष्मीबाई लिसाना, सवाचंद नंबरदार, भूपेंद्र सिंह राठी, रंगलाल तंवर आदि मौजूद रहे।
-----------