संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। इस बार फाल्गुन पूर्णिमा 13 मार्च सुबह 10:36 से अगले दिन 14 मार्च को दोपहर 12:23 तक रहेगी। पूर्णिमा लगते ही भद्रा लग जाएगी। भद्रा में होलिका दहन निषेध है। शहर के धारूहेड़ा चुंगी स्थित ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त भद्रा उपरांत रात्रि 11:28 से 12:00 तक होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत रहेगा। होली पूजन में अपना नाम व गोत्र लेकर होलिका पूजन करना चाहिए। इसके बाद हुई प्रज्ज्वलित होलिका के तीन परिक्रमा करनी चाहिए और उसकी भस्म लाकर सभी को अपने परिवार में लगाना चाहिए। होलिका दहन के समय यदि पूर्व दिशा में वायु का चलन होता है, तो राजा एवं प्रजा को सुख होता है। सनातन धर्म के अनुसार होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। होली एक सांस्कृतिक,धार्मिक और पारंपरिक त्योहार है।