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आईजीयू में भी मिलेगी विषय चयन की स्वतंत्रता

Sun, 13 Mar 2016 12:50 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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वर्कशॉप - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रेवाड़ी। आईआईटी, एनआईटी एवं आईआईएम के साथ देश की सेंट्रल यूनिवर्सिटी जैसी विषय चुनने की आजादी अब प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों में भी मिलने जा रही है।
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सत्र 2016-2017 से लागू होने वाली इस पद्धति को समझने के लिए जिले की  इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी मीरपुर में दो दिवसीय वर्कशॉप हुई। वर्कशॉप के दूसरे दिन विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की गयी।सीबीसीएस(क्रेडिट आधारित चयन पद्धति)के तहत उच्च शिक्षा के दौरान विद्यार्थियों को अपनी रुचि के विषय चुनने का अधिकार मिलता  है

जानकारी के मुताबिक केंद्रीय विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी जब व्यवहारिक जीवन में ज्यादा सफल रहते हैं। क्योंकि वहां के विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व विकास के लिए अपनी पसंद का विषय चुनने का अधिकार है। सीबीसीएस के तहत चुना गया पसंद का विषय भविष्य में रोजगार परक होने के साथ व्यवहारिक भी हो सकता है।
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अब जिले के 2100 से ज्यादा पीजी कर रहे छात्रों को इसी सत्र सेे लाभ मिलने वाला है। इस मौके पर कुलपति डॉ. डी सुरेश, कुलसचिव डॉ.मदन लाल के अलावा कार्यशाला के संचालक डॉ रविन्दर, सचिव डॉ विजय सिंह, डॉ अदिति शर्मा, डॉ दीपक गुप्ता, डॉ मीरा बाम्बा और डॉ सोनू मदान उपस्थित रहे।

वर्कशॉप के दूसरे दिन तकनीकी सहित  विभिन्न पहलूओं से विद्यार्थियों को कराया अवगत
वर्कशॉप के दूसरे दिन शनिवार को प्रथम व द्वितीय तकनीकी सत्र में एमडीयू रोहतक के यूआईईटी निदेशक प्रोफेसर राहुल ऋषि ने सीबीसीएस के तकनीकी पक्षों के संबंध पर चर्चा की और राष्ट्रीय ज्ञान आयोग, यूजीसी की भूमिका के बारे में बताया। जेनेटिक्स प्रोफेसर डॉ. जेपी यादव ने सीबीसीएस को लागू करने के दौरान आने वाली समस्याओं का वर्णन किया।

इसके अतिरिक्त प्रोफेसर यादव ने नयी पद्धति के माध्यम से शिक्षा के गुणवत्ता सुधार में योगदान के महत्व पर प्रकाश डाला। सुबह के सत्रों की अध्यक्षता डीन ऑफ साइंस व गणित विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ मंजू परूथी ने की। वहीं दोपहर बाद के तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता वाणिज्य तथा प्रबंध संकाय के डीन और वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर तेज सिंह ने की। कार्यशाला के निदेशक प्रोफेसर रामसजन पांडेय ने शिक्षा को मूल्यों के साथ जोड़ते हुए यूजीसी के नए कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए इस बात पर जोर दिया की हम शीघ्र ही सफलतापूर्वक सभी लक्ष्यों की प्राप्ति करेंगे और 12 बी में आने का प्रयास करेंगे।
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