फोटो: 01रेवाड़ी। रेवाड़ी बस स्टैंड पर खड़ी रोडवेज की बसें। संवाद
रेवाड़ी। हरियाणा के सभी डिपुओं में रोडवेज की एसी बसें दौड़ रही हैं, परंतु स्थानीय डिपो को आज तक नई एसी बसें नहीं आई हैं। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को बस स्टैंड से एसी बसों की सुविधा नहीं मिल पा रही है। पूर्व में डिपो को 4 पुरानी एसी बसें दूसरे डिपो से मिली थीं, जो खटारा होने के कारण वापस भेज दी गई थीं। हर माह सरकार के खजाने में करीब 4 करोड़ रुपये का राजस्व कराने वाला डिपो हर मामले में उपेक्षा का शिकार माना जा रहा है। हालांकि मई माह तक डिपो को 10 नई एसी बसें मिलने की संभावना जताई जा रही है, परंतु इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वर्ष 1970 में बने डिपो को बस स्टैंड बिल्डिंग से लेकर बस सेवाओं के मामलों में लगातार उपेक्षित रखा गया है। इस डिपो के बाद बने डिपो को वर्षों से पहले नए भवन मिल चुके हैं, परंतु इस डिपो को आज तक नई बिल्डिंग नहीं मिली है। जहां तक बस सेवाओं का सवाल है, डिपो में इस समय सामान्य श्रेणी की 112 बसें हैं, जबकि 35 बसें अनुबंध के आधार पर चल रही हैं। कुछ समय पहले पांच इलेक्ट्रिक बसें लोकल रूटों पर चलाने के लिए मिली थीं। डिपो को आज तक नई एसी बसें नहीं मिली हैं, जबकि पड़ोसी जिला महेंद्रगढ़ के नारनौल डिपो के पास 10 एसी बसें हैं। इन बसों का संचालन लंबे और अच्छा राजस्व अर्जित करने वाले रूटों पर हो रहा है। स्थानीय बस स्टैंड से एक भी एसी बस का संचालन नहीं हो रहा है, जिस कारण लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को सामान्य बसों का सहारा ही लेना पड़ता है। जो यात्री एसी बसों में सफर करना पसंद करते हैं, वह यहां से दिल्ली या दूसरे बस स्टैंड पर जाने के बाद बस बदलने को मजबूर हो जाते हैं। एसी बसों का संचालन नहीं होने से डिपो के राजस्व पर भी असर पड़ रहा है। लंबे रूटों पर एसी बसों का संचालन डिपो का राजस्व बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है। साथ ही इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा भी मिल सकती है।
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