संवाद न्यूज एजेंसी
बावल। बिजली निगम कार्यालय का भवन जर्जर हो गया है। निगम के कार्यालय को किसी निजी भवन में शिफ्ट नहीं करने के विरोध में बिजली कर्मचारी काम छोड़कर धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि बिजली बोर्ड की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। इसमें बैठ कर काम करना जान जोखिम में डालना है।
कहा कि एक सप्ताह पूर्व भी हम धरने पर बैठे थे लेकिन एसडीओ ने एक सप्ताह में किसी प्राइवेट बिल्डिंग में शिफ्ट करने का वादा किया था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ऐसे में आज फिर से मजबूर होकर धरने पर बैठना पड़ रहा है। एक सप्ताह पूर्व बावल के बिजली विभाग के कार्यालय की छत का प्लास्टर गिर गया था, गनीमत यह रही थी कि कोई हादसा नहीं हुआ था। इस घटना के बाद विभाग के कर्मचारी धरने पर बैठ गए थे। बावल बिजली विभाग के एसडीओ रविंद्र ने कहा था कि एक सप्ताह के भीतर ही कार्यालय को अन्य स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसलिए धरना समाप्त कर दिया गया था।
यूनिट कर्मचारी प्रधान मोहन लाल ने बताया कि एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी हमारी मांग पूरी नहीं की गई। कार्यालय को किसी अन्य स्थान पर स्थनांतरित नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में गुस्सा है। इसी को लेकर आज हम फिर से धरने पर बैठ गए हैं। अब जब तक कार्यालय को अन्य स्थान पर शिफ्ट नहीं किया जाता, धरना जारी रहेगा। काम बाधित होता है, तो होता रहे इसकी ज़िम्मेवारी पूरी तरह से विभाग की होगी।
वर्जन:
किराये के भवन को लेकर बात हो रही है। रेंट एग्रीमेंट होते ही भवन मिल जाएगा। विभाग को नया भवन बनाने में समय लगेगा। इसलिए कर्मचारियों को कोई परेशानी नहीं होंगी।- रविंद्र कुमार, एसडीओ, बिजली निगम, बावल।