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Rewari News: आठ हजार किसानों ने मुआवजे के लिए किया आवेदन

Fri, 24 Mar 2023 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। जिले में शनिवार और रविवार को बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। अब मुआवजे के लिए किसान आवेदन कर रहे हैं। कृषि विभाग के कार्यालय में वीरवार तक बीमा कराने वाले आठ हजार किसानों के आवेदन आ चुके थे। कृषि विभाग के अधिकारियों ने 40 से 50 फीसदी फसलों को नुकसान पहुंचने का अनुमान लगाया है।
बिगड़े मौसम ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। ओलावृष्टि के कारण 50 से ज्यादा गांवों में गेहूं की फसल पूरी तरह से बिछ गई है। खोल, बावल और रेवाड़ी खंड के कुछ गांवों में ज्यादा नुकसान की बात सामने आ रही है। किसानों की मानें तो कई जगह गेहूं की फसल बिछने से 60 फीसदी या इससे भी ज्यादा नुकसान का अनुमान है। इसी तरह खोल के गांव गोठड़ा टप्पा खोरी आदि में ओलावृष्टि से आधी से भी कहीं ज्यादा फसल तबाह हो गई है। फिलहाल कृषि विभाग नुकसान के आकलन में लगा हुआ है। गांवों से रिपोर्ट मंगाई जा रही है। किसानों ने बताया कि बारिश व ओलावृष्टि के कारण सरसों के दाने काले पड़ने से गुणवत्ता घटेगी। सरसों की जो फसल कटाई के बाद खेत में सूख रही थी उसका दाना भी खेत में ही रह जाएगा जिससे फसल में काफी अधिक मात्रा में पैदावार पर असर पड़ेगा। किसानों के मुताबिक फसल में 60 फीसदी से ज्यादा नुकसान बताया जा रहा है। हालांकि कृषि अधिकारियों का 40 से 50 फीसदी नुकसान का अनुमान है। गांव गोलियाका में भी खेतों में पानी भरने से काटी हुई सरसों डूब गई। किसानों का कहना है कि अब सरसों के दाने काले पड़ जाएंगे। क्वालिटी भी खराब होगी। इसके अलावा मालाहेड़ा, ढकिया, ततारपुर खालसा, कापड़ीवास, मालपुरा, बावल ब्लॉक के गांवों के साथ ही नांधा, बलवाड़ी, जैनाबाद, निमोठ, चिल्हड़, धनोरा आदि गांवों में नुकसान की सूचना है।
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बीमा न कराने वाले किसानों को भी मिलेगा मुआवजा
कृषि विभाग की ओर से चलाए जा रहे क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 394 गांवों के 5 हजार 53 किसान 22 हजार 856 एकड़ जमीन की शिकायत करा चुके हैं। इनमें ऐसे किसान जिन्होंने अपनी फसल का बीमा नहीं कराया है, उनको सरकार द्वारा नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, जिस किसान ने अपनी जितनी जमीन का बीमा कराया हुआ है, उसमें हुए नुकसान का मुआवजा बीमा कंपनी द्वारा दिया जाएगा। उसी किसान की बची हुई जमीन जिसका बीमा नहीं हो रहा लेकिन ओलावृष्टि की चपेट में आने से फसल को नुकसान हुआ है। ऐसी फसल का मुआवजा सरकार द्वारा दिया जाएगा।
किसानों की प्रतिक्रिया:
बारिश के साथ ओलावृष्टि ने डेढ़ कीले में गेहूं और 6 कीले में सरसों की फसल को चौपट कर दिया है। गेहूं की फसल खड़ी थी जो ओलावृष्टि के चलते खेत में गिर गई। सरसों की फसल काट कर सुखाने के लिए रख रखी थी जिसके 70 फीसदी दाने खेत में नीचे गिर गिए। बारिश से दाने काले पड़ गए, जिससे पैदावार घटेगी। - बंशी लाल, भड़ंगी
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सरसों व गेहूं की साढ़े आठ एकड़ फसल ओलावृष्टि के कारण एकदम चौपट हो गई। इसके कारण घर का खर्चा चलाना भी मुश्किल हो जाएगा। कम पैदावार होने की वजह से अब अगली फसल की बुआई के लिए कर्जा लेना पड़ेगा। किसानों को सरकार द्वारा फसल का मुआवजा दिया जाना चाहिए ताकि किसानों को परेशानी न हो।- रणबीर सिंह, बव्वा
ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि के कारण सारे अरमानों पर पानी फिर गया। सरसों के दाने झड़ने के कारण खेत में ही रह गए व गेहूं की फसल चादर की तरह खेत में बिछ गई है, जिसके कारण आर्थिक की संकट की स्थिति पैदा हो गई है। - अजीत सिंह, कारोली
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तीन एकड़ गेहूं व सरसों फसल बोई हुई थी। ओलावृष्टि के कारण काफी नुकसान हुआ है। सरसों के दाने झड़ने के कारण खेत में ही रह गए। गेहूं की फसल खेत में गिर गई है जिससे भारी नुकसान हुआ है।अब बीमा कंपनी द्वारा मुआवजा दिया जाएगा या नहीं इसका अभी कोई अनुमान नहीं है। - रामचंद्र कुमार, बहरुपुर
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वर्जन:
जिन किसानों की शिकायतें मिली हैं, उनका जल्द निपटान करने के लिए अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सभी शिकायतों को इकट्ठा करने के बाद एक टीम बनाई जाएगी जो खराब हुई फसल के मौके का मुआयना करेगी। अभी तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 5 हजार 53 किसान पंजीकरण करा चुके हैं। - सोनिया कुमारी, कृषि विकास अधिकारी रेवाड़ी।
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