रेवाड़ी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से हृदय एवं फेफड़ा प्रत्यारोपण विषय पर चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम जिमखाना क्लब में आयोजित किया गया। इसमें डॉ. बिश्वरूप पी ने चिकित्सकों को ईसीएमओ तकनीक के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने गंभीर हृदय एवं फेफड़ों की बीमारियों तथा श्वसन और हृदय विफलता जैसी परिस्थितियों में ईसीएमओ की भूमिका समझाई। साथ ही मरीज के सही चयन और समय पर उपचार शुरू करने के महत्व को चिकित्सकीय मामलों के माध्यम से बताया। आईएमए अध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने कहा कि गंभीर हृदय और फेफड़ों की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों में ईसीएमओ की भूमिका महत्वपूर्ण है। सही मरीज में सही समय पर ईसीएमओ का निर्णय जीवनरक्षक साबित हो सकता है। कोविड महामारी के दौरान भी गंभीर मरीजों के उपचार में इसकी उपयोगिता सामने आई थी। कार्यक्रम में करीब 70 चिकित्सकों ने भाग लिया।