धारूहेड़ा। दिल्ली-जयपुर हाईवे के दोनों तरफ बारिश के पानी की निकासी के लिए नाले बनाए गए हैं। ये गहरे नाले अब हादसों का कारण बनने लगे हैं।
हाईवे पर बने नालों से हो रहे हादसे व सुरक्षा को लेकर गांव खरखड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश की ओर से प्रधानमंत्री, केंद्रीय परिवहन मंत्री, एनएचएआई के चेयरमैन सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र भेज समाधान करने की मांग की गई है। प्रकाश ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर दिल्ली से जयपुर की तरफ जाने वाली सड़क के साथ में दोनों तरफ नालों का निर्माण किया गया है, जो बारिश के समय सड़क पर गिरने वाले पानी की निकासी के लिए बनाए गए हैं ताकि सड़क पर जलभराव न हो सके, लेकिन वर्तमान में कपड़ीवास बॉर्डर से लेकर जयसिंहपुर खेड़ा तक सर्विस लाइन के नवनिर्माण के साथ इन नालों के छटाई व साफ सफाई के साथ ही हाईवे के सभी खुले कटों को बंद करने का कार्य जारी है। इसी बीच इन नालों की वजह से हाईवे पर हादसों का डर बना रहता है क्योंकि यह नाले और हाइवे सर्विस लाइन की सड़कों की ऊंचाई एक समान होने के कारण वाहनों के टायर इन नालों में चले जाते हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि इन नालों की वजह से गम्भीर हादसे भी होते-होते बाल बाल बचे हैं।
सर्दी के मौसम में कोहरे की वजह से दृश्यता कम होने के चलते तो यह नाले बिल्कुल भी दिखाई नहीं देते, जिसकी वजह से कभी भी कोई गंभीर हादसा हो सकता है। यहां तक की दुपहिया वाहन चालक तो इनमें गिरकर गंभीर रूप से घायल भी हो सकते हैं या उनकी जान भी जा सकती है। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को इन नालों को या तो ढकना चाहिए या फिर इनकी ऊंचाई सर्विस रोड व हाईवे की सड़कों से ऊंची रखी जाए। ताकि वाहनों के टायर इनमें न जा सके।